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किरकुक में कर्फ़्यू, बड़ा सैन्य अभियान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के उत्तरी भाग मे स्थित किरकुक शहर में सुरक्षा बल एक बड़ा अभियान चला रहे हैं. पूरे शहर में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. हज़ारों इराक़ी सैनिक और पुलिसकर्मी अमरीकी हेलिकॉप्टरों की मदद के साथ विद्रोहियों के ठिकानों की छानबीन कर रहे हैं. पुलिस के अनुसार कम से कम 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है और काफ़ी मात्रा में हथियार और असला बरामद किया गया है. पूरे शहर को 'सील' के मकसद से शहर के आसपास दो मीटर गहरी खाई खोद दी गई है जो 15 मील लंबी है. सुरक्षा बलों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि पूरे इलाक़े को विद्रोहियों से खाली नहीं करवा लिया जाता. उन्हें हाल में बम हमलों की बढ़ी हुई घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है. जैसे ही अभियान शुरु हुआ उत्तरी नगर ताल अफ़ार में एक अत्मघाती कार बम से सेना के नाके पर हमला हुआ जिसमें कम से कम चार इराक़ी सैनिक और दस आम नागरिक मारे गए. महत्वपूर्ण है कि जब से अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने ताल अफ़ार को इराक़ में शांति कायम करने के लिए एक आदर्श बताया था तब से वहाँ कई आत्मघाती हमले हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान ने इराक़ को 'मदद' की पेशकश की12 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश प्रशासन की नीतियों पर विवाद10 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग दिशाहीन हुई09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी सेनाओं का नियंत्रण सौंपा गया07 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना दजला नदी में 50 से ज़्यादा शव मिले20 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना पाइपलाइन में धमाका, 30 की मौत29 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में एक सिरकटा शव बरामद15 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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