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दजला नदी में 50 से ज़्यादा शव मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में राजधानी बग़दाद के पास दजला नदी में 50 से ज़्यादा शव मिले हैं. राजधानी के पास ही हदिथा में एक स्टेडियम से भी 19 शव बरामद हुए हैं. माना जाता है कि ये मदाइन में बंधक बनाए गए शियाओं के शव हैं. इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने बुधवार को शवों की बरामदगी की घोषणा की. उधर बग़दाद की पुलिस का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री ईयाद अलावी की पार्टी के मुख्यालय के रास्ते में एक नाके पर एक आत्मघाती हमलावर ने हमला किया है. प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि बम धमाके में हमलावर और एक पुलिसकर्मी मारे गए. दूसरी ओर हदिथा नगर में एक फ़ुटबॉल स्टेडियम में 19 लोगों के शव मिले हैं जिन्हें देखकर लगता है कि उन्हें दीवार के सामने खड़ाकर उन पर गोलियाँ चलाई गईं. 'पूरी जानकारी' इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तालाबानी का कहना था, "दजला नदी से 50 से ज़्यादा शव निकाले गए हैं. हमें मारे गए लोगों और उनकी हत्या करने में शामिल अपराधियों की पूरी जानकारी है." तालाबानी ने कहा सारी जानकारी शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी. उन्होंने कहा, "यह सही नहीं है कि मदाइन में किसी को बंधक नहीं बनाया गया था. वहाँ बंधक थे. उनकी हत्या कर शवों को दजला में फेंक दिया गया था." इराक़ी सुरक्षा बलों ने पिछले सप्ताह बग़दाद के पास मदाइन शहर में यह सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की थी कि वहाँ सुन्नी चरमपंथियों ने कई लोगों को बंधक बना रखा है. सुरक्षाकर्मियों को शहर में किसी तरह के प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा था. उन्हें वहाँ किसी बंधक का भी पता नहीं चल पाया था. पुलिस ने कहा है कि दजला नदी में मिले शवों में महिलाओं और बच्चों के शव शामिल हैं. हदिथा में सामान्य वस्त्र पहने लोगों के शव मिले हैं, लेकिन माना जाता है कि वे इराक़ी नेशनल गार्ड के सदस्य थे. |
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