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हमास ने सरकारी कार्यालयों को बंद किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हमास की सरकार ने फ़लस्तीनी क्षेत्र के सभी सरकारी कार्यालयों में कामकाज रोकने की घोषणा की है. सरकार ने यह फ़ैसला रमल्ला में सरकारी इमारतों और अधिकारियों पर रविवार को किए गए हमलों के विरोध में किया है. रविवार को हमास समर्थित विद्रोही गुट और फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास की फ़तह पार्टी के समर्थकों के बीच हिंसा भड़क उठी थी. हिंसा में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी और 60 लोग घायल हो गए थे. सोमवार को भी दोनों गुटों में झड़प की ख़बरें हैं लेकिन किसी के हताहत होने के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है. हमास के नेतृत्व वाली सरकार के एक प्रवक्ता ग़ाज़ी हमाद ने कहा कि हिंसक घटनाएँ जारी रहने नहीं दी जा सकती. उन्होंने फ़लस्तीनी जनता से एकजुट होकर काम करने की अपील की. प्रधानमंत्री इस्माईल हानिया ने भी लोगों से शांति की अपील की है. हमास की सरकार का कहना है कि रविवार को हुई हिंसा के क्रम में कुछ अधिकारियों को अगवा करने की कोशिश भी की गई थी. दूसरी ओर फ़तह के आह्वान पर पश्चिमी तट के कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं. हिंसा सरकारी प्रवक्ता ने यह नहीं बताया है कि दफ़्तरों में काम कब शुरू होगा. यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि सरकारी कामकाज चलाने के लिए सरकार क्या क़दम उठाने जा रही है.
फ़लस्तीनी आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय का कहना है कि हमास विद्रोहियों को वापस हटने को कहा गया है और ग़ज़ा का नियंत्रण एक बार फिर नियमित सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया गया है. फ़तह पार्टी के समर्थक माने जाने वाले नौकरशाह और सुरक्षाकर्मी हमास की सरकार से नियमित वेतन ना मिल पाने के कारण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. रविवार को हमास के विद्रोही विरोध प्रदर्शन ख़त्म कराने के लिए ग़ज़ा में घुस आए. इसके बाद ही हमास विद्रोहियों और फ़तह समर्थकों सुरक्षाबलों के बीच हिंसा भड़क उठी थी. सोमवार सुबह को भी फ़तह समर्थक प्रदर्शनकारियों ने शरणार्थी मामलों के मंत्री के घर पर पथराव किया. हमास के सुरक्षाबलों ने हवा में गोलियाँ चलाईं. एक अन्य घटना में फ़तह और हमास समर्थक ग़ज़ा सिटी के मुख्य अस्पताल में एक-दूसरे से भिड़ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच 20 मिनट तक गोलीबारी हुई लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा में हिंसा, आठ की मौत01 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना भारत का आभारी है फ़लस्तीनी प्रशासन29 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना राष्ट्रीय एकता सरकार का मुद्दा अटका23 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अरब-इसराइल मसले में लंबी नाकामी'22 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इसराइल पर फ़लस्तीनियों में मतभेद22 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना राष्ट्रीय सरकार की कोशिशों का स्वागत20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'बातचीत के लिए स्थायी माध्यम चाहते हैं'19 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना राष्ट्रीय सरकार के गठन पर बातचीत रुकी17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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