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बंदूक छुड़ाने के लिए अनूठी हड़ताल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोलंबिया के सबसे ज़्यादा हिंसक शहरों में से एक में रहने वाली महिलाओं ने अपने पतियों और प्रेमियों को बंदूक फेंकने पर मजबूर करने के लिए एक अनोखा रास्ता चुना है. इन महिलाओं ने अपने पतियों और प्रेमियों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने बंदूक का साथ नहीं छोड़ा तो यौन संबंधों से वंचित होना पड़ सकता है. पेरीरा शहर में महिलाओं के इस आंदोलन को मेयर का भी समर्थन हासिल है और इसमें अनेक महिलाएँ हिस्सा ले रही हैं. कोलंबिया का पेरीरा शहर कॉफ़ी उत्पादन के लिए मशहूर है और वहाँ साल 2005 में 480 लोगों की हत्याएँ हुई थीं. शहर के एक अधिकारी का कहना है कि लोगों से हथियार छुड़ाने की योजना के तहत पत्नियों और प्रेमिकाओं की एक बैठक हुई और उसी में यह विचार सामने आया कि पुरुषों को हथियार छोड़ने पर मजबूर करने के लिए सेक्स का सहारा लिया जा सकता है यानी उन्हें सेक्स से वंचित करने की धमकी शायद कारगर साबित हो सके. मेयर के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "गैंग सदस्यों की पत्नियों और प्रेमिकाओं के साथ हमने एक बैठक की थी और वे हथियार नहीं छोड़ने की अपने पतियों और प्रेमियों की ज़िद से काफ़ी परेशान नज़र आईं. बस वहीं सेक्स हड़ताल का विचार सामने आया." प्रवक्ता का कहना था कि महिलाएँ सेक्स हड़ताल के ज़रिए निरस्त्रीकरण का संदेश देना चाहती हैं. अध्ययनों में पता चला है कि स्थानीय लोग रुतबे, ताक़त और यौन आकर्षण की वजह से बंदूक उठा लेते हैं और अपराध की दुनिया में पहुँच जाते हैं. कोलंबिया के रेडियो का कहना है कि उनके ऐसा करने के पीछे कोई आर्थिक कारण नहीं होते हैं. बंदूक से प्यार करने वाले एक ऐसे ही पुरुष की प्रेमिका जेनीफ़र बेयर ने ब्रिटेन के गार्डियन अख़बार से कहा, "हम उन्हें यह समझाना चाहते हैं कि हिंसा कोई सेक्सी चीज़ नहीं है." जेनीफ़र बेयर का कहना था कि महिलाओं ने इस हड़ताल के लिए एक गाना भी तैयार किया है जिसका साराश कुछ इस तरह है - "महिलाएँ बहुत क़ीमती हैं. हम हिंसक आदमी के प्यार में नहीं पड़ना चाहतीं क्योंकि उनका साथ बहुत घाटे का सौदा है..." | इससे जुड़ी ख़बरें लंदन में बना एक अलग सा पार्क24 मई, 2006 | पहला पन्ना लाइबेरिया में 'सहायता के बदले सेक्स' 08 मई, 2006 | पहला पन्ना 'समलैंगिक लोग पादरी नहीं बन सकते'29 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने नियम सख़्त किए19 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना बरमिंघम में मसाज पार्लर पर छापा01 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ चीन में क़ानून28 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना चीन में महिला उत्पीड़न 'अपराध'28 जून, 2005 | पहला पन्ना विश्व कप के दौरान मुफ़्त कंडोम11 जून, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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