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बरमिंघम में मसाज पार्लर पर छापा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने बरमिंघम शहर में एक मसाज पार्लर पर छापा मारकर 19 महिलाओं को छुड़ाया है जिन पर पुलिस को शक है कि उन्हें यौनकर्मी के रूप में काम करने पर मजबूर किया जा रहा था. इन महिलाओं की उम्र 19 से 30 साल के बीच है. गुरूवार शाम को मारे गए छापे में पुलिस की 25 महिला अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस मामले में वेस्ट मिडलैंड्स के दो पुरुषों और एक महिला को गिरफ़्तार किया गया है. इनमें से 12 महिलाओं को रिहा किए जाने की संभावना है लेकिन सात को उनके आव्रजन दस्तावेज़ों की जाँच के लिए रोके रखा जाएगा. ये महिलाएँ ग्रीस, हांगकांग, इटली, जापान, लातविया, पोलैंड और तुर्की से आई बताई गई हैं. पुलिस का कहना है कि वह मसाज पार्लर एक वेश्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था और वहाँ पर छापे के दौरान एक बंदूक और सात हज़ार पाउंड की नक़दी पाई गई है. वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, "समझा जाता है कि ये महिलाएँ पूर्वी यूरोपीय मूल की हैं और उन्हें सेक्स उद्योग में धकेल दिया गया था." "उन्होंने उनके पासपोर्ट ले लिए. उन्हें शाम को मसाज पार्लर काम करने के लिए बंद कर दिया जाता था और दिन में बाहर ले जाकर एक घर में रखा जाता था." इस्पैक्टर मार्क नेविट ने कहा कि ये महिलाएँ दस देशों से आई हुई थीं. "अब हमें उन्हें ढांढस बंधाना है और उनसे बातचीत करके पता लगाना है कि वे देश में कैसे आईं और मसाज पार्लर में उनकी क्या भूमिका थी." मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस छापे का स्वागत करते हुए कहा है कि मानव तस्करी के शिकार लोगों की सुरक्षा के लिए और ज़्यादा कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है. एमनेस्टी इंटरनेशनल की प्रवक्ता सारा ग्रीन ने कहा कि मानव तस्करी के शिकार लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त क़ानूनी प्रावधान नहीं है और आमतौर पर उन्हें अवैध तरीके से देश में आने वाला मानकर बाहर भेज दिया जाता है. |
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