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'ईरान ने समय सीमा नज़रअंदाज़ की' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए ने कहा है कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निर्धारित की हुई समय सीमा के बावजूद अपना परमाणु ईंधन कार्यक्रम स्थगित नहीं किया है. परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने यह बात अपनी उस रिपोर्ट में कही है जो वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंपेगी लेकिन यह रिपोर्ट उससे पहले ही मीडिया को लीक हो गई है. ग़ौरतलब है कि सुरक्षा परिषद ने ईरान को यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम स्थगित करने के लिए 31 अगस्त, गुरूवार को ग्रीनिच मान समय के अनुसार शाम चार बजे तक का समय दिया था. परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम स्थगित नहीं किया है और इसका नया दौर मंगलवार को ही शुरू किया था. एजेंसी एक एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर पत्रकारों को बताया कि परमाणु निरीक्षकों को ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं जिनसे ये लगे कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम 'सैनिक प्रकृति' का है. एजेंसी की इस रिपोर्ट के बाद अब ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का रास्ता निकल सकता है. दुनिया के छह महाशक्ति देश ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और अमरीका इस मामले में अगले क़दम के बारे में फ़ैसला करने के लिए संभवतः अगले सप्ताह बैठक करेंगे. फ्रांस ने कहा है कि वह ईरान की असंतुष्ट प्रतिक्रिया की निंदा करता है लेकिन साथ ही उसने यह भी कहा है कि बातचीत का रास्ता खुला रखा जाना चाहिए. कूटनीतिक हलचल अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तय की हुई समय सीमा का उल्लंघन किया है और उसके गंभीर परिणाम होंगे.
एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका अब इस दलील को मज़बूत करना चाहता है कि सुरक्षा परिषद की बात को निडर होकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है. लेकिन संवाददाता का यह भी कहना है कि अमरीका फिलहाल बहुत से अन्य मसलों में उलझा हुआ है और उसके पास कुछ आकर्षक विकल्प भी हैं. ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने इससे पहले गुरूवार को ही कहा था कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा, "ईरान एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा... और अपने अधिकारों से वंचित होने की स्थिति स्वीकार नहीं कर सकता." अगर ऐसे संकेत मिलते हैं कि ईरान इस समय सीमा का पालन नहीं कर रहा है तो अमरीका ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र किसी ऐसे प्रस्ताव पर विचार करे जो ईरान पर प्रतिबंध लगाए. संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत जॉन बॉल्टन ने कहा कि ईरान को इस बारे में जानकारी है कि संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों का उल्लंघन करने पर उसे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्य लगातार इस बात को दोहराते रहे हैं कि अगर ईरान तय समय सीमा का पालन नहीं करता है तो उसपर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. अमरीका का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान इसे ख़ारिज करते हुए कह रहा है वो केवल असैनिक उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा विकसित करने की कोशिश कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान को मिली एक महीने की समयसीमा31 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अहमदीनेजाद ने बुश को चुनौती दी29 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने परमाणु प्लांट का उदघाटन किया26 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना ईरान की और जासूसी की सिफ़ारिश24 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना ईरान के जवाब से अमरीका संतुष्ट नहीं23 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना चीन, रूस ने बातचीत की हिमायत की23 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान का परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा'21 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना स्थायी सदस्य ईरान मुद्दे पर सहमत29 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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