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ईरान की और जासूसी की सिफ़ारिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी संसद कांग्रेस की एक समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका के पास ईरान की हथियार क्षमता और परमाणु बम बनाने की इसकी क्षमता के बारे में पर्याप्त ख़ुफ़िया जानकारी नहीं है. कांग्रेस की ख़ुफ़िया सूचनाओं की समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए और ज़्यादा जासूसी किए जाने की ज़रूरत है. अमरीकी ख़ुफ़िया सूचनाओं में "इस महत्वपूर्ण अंतर" के संदर्भ में रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं कि क्या अमरीका ईरान के साथ किसी असरदार बातचीत में शामिल हो सकता है. ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में विश्व के बड़े देशों के साथ इसी सप्ताह 'गंभीर बातचीत' फिर से शुरू किए जाने की पेशकश की थी. ग़ौरतलब है कि पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान का कहना है कि वह ऊर्जा उद्देश्यों के लिए अपना परमाणु कार्यक्रम चला रहा है. ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की इस माँग को भी नामंज़ूर कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन का अपना कार्यक्रम तुरंत बंद कर दे. अमरीका ने संकेत दिया है कि वह ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है क्योंकि ईरान की प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र की माँगों पर खरी नहीं उतरती है. 'गंभीर ख़तरा' कांग्रेस की ख़ुफ़िया सूचनाओं संबंधित समिति की इस रिपोर्ट में कहा गया है, "ईरान सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा है और इस ख़तरे के बारे में अमरीका को और ज़्यादा ख़ुफ़िया सूचनाओं की ज़रूरत है."
रिपोर्ट कहती है, "ईरान के बारे में अभी बहुत कुछ ऐसा है जिसके बारे में हमें जानकारी नहीं है." रिपोर्ट चेतावनी देती है, "नीति निर्माताओं को ईरान के साथ अगले दौर की बातचीत में शामिल होने के बारे में फ़ैसला करने के लिए बहुत उच्च दर्जे की ख़ुफ़िया जानकारी हासिल करनी होगी." रिपोर्ट के अनुसार, "ख़ास चिंता ये है कि ईरान के परमाणु, जैविक और रसायनिक कार्यक्रमों के बारे में पर्याप्त ख़ुफ़िया जानकारी नहीं है." समिति की रिपोर्ट में सिफ़ारिश की गई है कि अमरीका को ईरान के बारे में और ज़्यादा ख़ुफ़िया जानकारी हासिल करने की अपनी क्षमता और मज़बूत करनी चाहिए और इसके लिए ऐसे ख़ुफ़िया एजेंट लगाए जाएँ जो फारसी भाषा में निपुण हों. वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जोनाथन बीयल का कहना है कि रिपोर्ट में इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के हथियार कार्यक्रम की ख़ुफ़िया जानकारी के बारे में अमरीकी ख़ुफ़िया तंत्र की नाकामी पर भी चिंता व्यक्त की गई है. रिपोर्ट कहती है कि ईरान से अमरीका के लिए गंभीर ख़तरा है और ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ईरान एक दशक के भीतर परमाणु हथियार बना सकता है. हालाँकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान खंडन करने और छलावे के अभियान में लग सकता है जिसके ज़रिए वह अपना परमाणु कार्यक्रम असलियत से कहीं ज़्यादा प्रोन्नत स्थिति में दिखाने की कोशिश करे जबकि वास्तव में वह उस स्थिति से काफ़ी दूर हो. बुश प्रशासन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ख़ुफ़िया सेवाओं के अधिकारी इस रिपोर्ट की सिफ़ारिशों पर पहले से ही अमल करने लगे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान के जवाब से अमरीका संतुष्ट नहीं23 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना गैस क़ीमत तय करने के लिए सलाहकार04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस चीन, रूस ने बातचीत की हिमायत की23 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना पश्चिमी देशों के साथ 'गंभीर' बातचीत 22 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा'06 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना ईरान को मिली एक महीने की समयसीमा31 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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