|
'ईरान का परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई ने कहा है कि उनका देश ज़ोर शोर से अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगा. परमाणु गतिविधियाँ रोकने को लेकर छह देशों ने जो प्रस्ताव रखा था, ईरान आधिकारिक तौर पर मंगलवार को उसका जवाब देगा. अयातुल्ला अली ख़मेनेई की टिप्पणी इससे एक दिन पहले आई है. उन्होंने अमरीका पर आरोप लगाया है कि वो ईरान पर दबाव डाल रहा है जबकि ईरान ये कह चुका है कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता. वहीं ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि यूरेनियम संवर्द्धन का काम रोकने की माँग के लिए जो प्रस्ताव रखा गया था, उस पर ईरान ने विचार किया है. लेकिन उन्होंने ये बताने से इनकार कर दिया कि ईरान छह देशों द्वारा रखी गई शर्तों को मानेगा या नहीं. ईरान के विदेश मंत्री इनदिनों दक्षिण अफ़्रीका में हैं. प्रस्ताव दुनिया के छह देशों-अमरीका, रूस,चीन, ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने जून के महीने में ईरान के सामने प्रस्ताव रखा था. इस प्रस्ताव में कुछ रियायतों के बदले ईरान से यूरेनियम संवर्द्धन का काम बंद करने के लिए कहा गया था. बीबीसी के मध्य पूर्व मामलों के विशेषज्ञ रॉजर हार्डी का कहना है कि ईरान ने इस प्रस्ताव का जवाब देने में कोई जल्दबाज़ी नहीं दिखाई है. इस बीच ईरान ऐसे संकेत ज़रूर देता रहा है कि वो एक क्षेत्रीय शक्ति है और क्षेत्र में गड़बड़ी फैलाने की क्षमता रखता है. रॉजर हार्डी के मुताबिक इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच हुई लड़ाई के दौरान, ईरान ने हिज़्बुल्ला का समर्थन कर अप्रत्यक्ष तौर से अमरीका को संकेत दिए हैं कि अरब-इसराइल विवाद में दख़ल देने की क्षमता उसके पास है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान को मिली एक महीने की समयसीमा31 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना स्थायी सदस्य ईरान मुद्दे पर सहमत29 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना 'यूरेनियम संवर्द्धन पर बातचीत संभव'24 जून, 2006 | पहला पन्ना आगे बढ़ाया गया क़दम-ईरान16 जून, 2006 | पहला पन्ना 'कुछ प्रस्ताव सकारात्मक, कुछ अस्पष्ट'06 जून, 2006 | पहला पन्ना ईरान को पैकेज देने पर सहमति01 जून, 2006 | पहला पन्ना परमाणु अप्रसार संधि छोड़ने की धमकी11 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||