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आगे बढ़ाया गया क़दम-ईरान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रस्तावों को ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने आगे बढ़ाया गया क़दम कहा है. उन्होंने शंघाई में चीन के राष्ट्रपति हू जिन्ताओ से मुलाक़ात के बाद ये बात कही है. अहमदीनेजाद ने कहा है कि उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा है कि वे इन प्रस्तावों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें. उनका कहना है कि वे इन प्रस्तावों का उपयुक्त समय आने पर जवाब देंगे. अहमदीनेजाद ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता था, लेकिन उसने आत्मरक्षा की क्षमता विकसित कर ली है. उल्लेखनीय है कि सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्य देशों और जर्मनी ने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम रोकने की एवज में कई सुविधाएँ देने का प्रस्ताव किया है. अमरीका और यूरोप के कई देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम संवर्धन कर रहा है. जबकि ईरान इसका खंडन करता रहा है और उसका कहना है कि वो इसका उपयोग शांतिपूर्ण कार्यों के लिए करना चाहता है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद रहा है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान उसे सहयोग नहीं दे रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें विवाद पर सकारात्मक बहस हो: ईरान12 जून, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान का यूरेनियम संवर्द्धन जारी'08 जून, 2006 | पहला पन्ना ईरान के ताज़ा रुख़ का विश्लेषण07 जून, 2006 | पहला पन्ना 'कुछ प्रस्ताव सकारात्मक, कुछ अस्पष्ट'06 जून, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने 'पश्चिमी दबाव को नकारा'02 जून, 2006 | पहला पन्ना ईरान को पैकेज देने पर सहमति01 जून, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान अमरीका को सकारात्मक जवाब दे'01 जून, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की बातचीत की पेशकश 31 मई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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