|
'ईरान अमरीका को सकारात्मक जवाब दे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बातचीत के अमरीकी प्रस्ताव का स्वागत करते हुए यूरोपीय देशों ने कहा है कि ईरान को इसका सकारात्मक जवाब देना चाहिए. ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने कहा है कि ईरान को अमरीकी नीति में परिवर्तन के महत्व को समझना चाहिए. उल्लेखनीय है कि अमरीका ने कहा है कि यदि ईरान अपने परमाणु संवर्धन को बंद कर दे तो वह उसके साथ सीधे बातचीत के लिए तैयार है. लेकिन ईरान की सरकारी एजेंसी का कहना है कि अमरीका का ये प्रस्ताव केवल प्रचार का एक शगूफा मात्र है क्योंकि ईरान ने बार-बार यही कहा है कि वह यूरेनियम संवर्द्धन कार्यक्रम आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. अमरीका की ये घोषणा ऐसे समय में आई है जब विएना में अमरीका, रुस, चीन और ये तीनों यूरोपीय देश एक बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में इस बात पर चर्चा होनी है कि परमाणु संवर्धन कार्यक्रम रोकने के लिए ईरान को क्या प्रस्ताव दिए जा सकते हैं. उल्लेखनीय है कि अमरीका और कुछ यूरोपीय देशों का कहना है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन करके परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है. जबकि ईरान इसका खंडन करता है और उसका कहना है कि उसका पूरा परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए हैं. यह मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तक जा चुका है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने भी साफ़ कर दिया है कि ईरान ने परमाणु संवर्धन रोकने की समय सीमा का पालन नहीं किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका की बातचीत की पेशकश 31 मई, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर बैठक में सहमति नहीं बनी09 मई, 2006 | पहला पन्ना राइस और स्ट्रॉ की इराक़ी नेताओं से चर्चा02 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी नेताओं को चेतावनी02 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना परमाणु हथियारों की ज़रूरत नहीं: ईरान14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||