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परमाणु हथियारों की ज़रूरत नहीं: ईरान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने घोषणा की है कि उनके देश को परमाणु हथियारों की ज़रूरत नहीं है. साथ ही उन्होंने परमाणु हथियारों वाले पश्चिमी देशों की ये कहते हुए आलोचना की है कि वे इस मामले में दोहरी दोहरे मापदंड अपना रहे हैं. तेहरान में अपने दूसरे संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि उनका देश परमाणु शोध कार्यक्रम जारी रखेगा. दो साल के बाद ईरान के परमाणु शोध और विकास कार्यक्रम को दोबारा शुरु करने के फ़ैसले को उन्होंने सही ठहराया. उनका कहना था कि पश्चिमी देश इसलिए नहीं चाहते कि ईरान ये कार्यक्रम शुरु करे क्योंकि वे ईरान को ये तकनीक बेचना चाहते हैं. उन्होंने पश्चिमी देशों पर दोहरी नीति का आरोप लगाते हुआ कहा,"कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियारों का ज़ख़ीरा है, उनके पास रासायनिक हथियार हैं, जैविक हथियार हैं और हर साल वे दसियों नए परमाणु ऊर्जा केंद्र लगा रहे हैं." उन्होंने आगे कहा,"इतने ज़बरदस्त निरीक्षण के बावजूद जबकि ईरान के परमाणु शोध के विरुद्ध कुछ नहीं मिला है तो वे ईरान की आलोचना कर रहे हैं." शुक्रवार को ईरानी राष्ट्रपति ने कहा था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरु करने के फ़ैसले के बारे में ज़रा भी पीछे नहीं हटेगा क्योंकि ईरान को परमाणु तकनीक हासिल करने का पूरा हक़ है. राष्ट्रपति अहमदीनेजाद का बयान तब आया था जब ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और अमरीका कह चुके हैं कि समय आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इस मामले में शामिल किया जाए. दो दिन के बाद, फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के अधिकारी चीन, रूस और अमरीका के अधिकारियों से मिल रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कोई तारीख़ निर्धारित की जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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