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ईरान ने परमाणु केंद्र पर लगी सील तोड़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान सरकार ने तमाम चेतावनियों की परवाह किए बिना अपने एक संवेदनशील परमाणु केंद्र पर लगी संयुक्त राष्ट्र की सील तोड़ दी है. ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा है कि उसके नटांज़ यूरेनियम संवर्धन प्लांट पर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में मंगलवार से शोध शुरू किया जा रहा है. परमाणु ऊर्जा संगठन, अमरीका और यूरोपीय संघ ने ईरान के नए क़दम की तत्काल निंदा की है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के कूटनयिकों का कहना है कि इस बारे में जवाब देने के लिए एक आपात बैठक बुलाई जा सकती है. ईरान ने सील तोड़ी संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने भी बताया है कि ईरान ने अपने एक परमाणु केंद्र से सील हटा ली है और वहाँ शोध शुरू करने जा रहा है. ईरान के इस क़दम से ये लगता है कि यूरेनियम संवर्धन के अलावा ईरान ने अपने सभी परमाणु कार्यक्रमों को दोबारा शुरू कर दिया है. ईरान के इस क़दम से उसपर दो साल से परमाणु शोध पर लगी पाबंदी समाप्त हो जाएगी और इस कारण उसपर आर्थिक प्रतिबंध लग सकते हैं. इस घटना के बाद ये मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने जा सकता है. पश्चिमी देशों को भय है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम चलाकर परमाणु बम बना सकता है लेकिन ईरान सरकार इससे इनकार करती रही है. ईरान का दावा रहा है कि वह ये परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ऊर्जा के उत्पादन के वास्ते चला रहा है. निंदा परमाणु ऊर्जा आयोग में अमरीका के राजदूत ग्रेगरी शूल्ट ने कहा कि ईरान का ये बर्ताव दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की परवाह नहीं करता और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को नहीं मानता. यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना ने कहा कि ईरान का ये क़दम ग़लत दिशा में उठाया गया एक क़दम है. प्रवक्ता क्रिस्टीना गैलास ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा,"हम बहुत अधिक चिंतित हैं और इसका जवाब देने के लिए विचार-विमर्श चल रहा है". ब्रिटेन और जर्मनी के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि इस घटना के बाद ईरान के साथ बातचीत समाप्त हो सकती है. ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के संयम की परीक्षा ले रहा है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लवरोफ़ ने कहा है कि रूस इस क़दम से चिंतित है लेकिन रूस में ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देने का प्रस्ताव अभी भी क़ायम है. उन्होंने कहा है कि इसके लिए वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से सोमवार रात को अनुमति ले ली गई है. गतिरोध परमाणु विवाद के समाधान के लिए ईरान सरकार की यूरोपीय संघ के तीन देशों के साथ बातचीत चल रही थी जो पिछले साल अगस्त में टूट गई. उसका कारण ये था कि ईरान ने अपने देश में इस्फ़हान परमाणु केंद्र पर यूरेनियम संवर्धन का काम शुरू कर दिया जबकि उसने 2004 में कहा था कि वह ऐसा नहीं करेगा. इसके बाद सितंबर में परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम बंद ना करने की सूरत में मामले को सुरक्षा परिषद में ले जाने की चेतावनी दी. फिर नवंबर में एक रिपोर्ट आई कि ईरान ने पाकिस्तानी परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान के ज़रिए परमाणु हथियार बनाने के बारे में एक अहम चरण की जानकारी हासिल की है. लेकिन ईरान इस बात पर ज़ोर देता रहा कि उसने ना तो ऐसी कोई जानकारी माँगी थी और ना ही उनका इस्तेमाल किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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