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राइस और स्ट्रॉ की इराक़ी नेताओं से चर्चा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ इराक़ी नेताओं से बातचीत करने के लिए बग़दाद पहुँचे हैं. वे इराक़ में नई सरकार बनाने के विषय पर चर्चा कर रहे हैं. पर्यवेक्षकों के अनुसार इराक़ में दिसंबर में हुए आम चुनावों के बाद सरकार बनाने के बारे में विभिन्न इराक़ी गुटों में गतिरोध जारी है. इसी को देखते हुए इराक़ी प्रधानमंत्री इब्राहिम अल जाफ़री पर पद से हट जाने के लिए दबाव बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री जाफ़री पर पद छोड़ने का दबाव इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि वे अल्पसंख्यक कुर्द और सुन्नी समुदाय के सदस्यों का समर्थन तो जीत नहीं पाए हैं और उनके अपने शिया गठबंधन में भी उनका विरोध होने लगा है. इराक़ी नेताओं की बातचीत राइस और स्ट्रॉ की इराक़ यात्रा का मकसद है कि इराक़ी नेताओं से आपसी बातचीत की प्रक्रिया को तेज़ करने का अनुरोध किया जाए. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दोनो नेता इराक़ी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से बातचीत कर रहे हैं लेकिन इस बारे में कोई औपचारिक बयान जारी किए जाने की संभावना नहीं है. लेकिन राइस ने बातचीत से पहले इतना ज़रूर कहा था कि वे कोशिश करेंगी कि इराक़ी नेताओं को राज़ी किया जाए कि वे सरकार के मुद्दे पर अब अपनी बातचीत को अंतिम रूप दें. इस दौरान, इराक़ में हुई हिंसक घटनाओं में दस विद्रोही और दो अमरीकी सैनिक मारे गए हैं. बग़दाद के बाहरी इलाक़े में एक घर में हुए विस्फोट में छह विद्रोही मारे गए. अमरीकी और इराक़ी फ़ौजों पर हुए दो नाकाम हमलों में उत्तरी बग़दाद में भी चार विद्रोही मारे गए. एक अन्य घटना में सड़क पर फटे एक बम में दो अमरीकी सैनिकों की मौत हो गई. ब्लैकबर्न यात्रा और इराक़ उधर शनिवार को अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस के ब्रिटेन में ब्लैकबर्न क्षेत्र के दौरे के दौरान इराक़ पर हुए हमले के विरोधियों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किए. शनिवार को अपनी इस यात्रा के दैरान राइस ने स्वीकार किया कि इराक़ पर हमला करने के मामले में अमरीका से हज़ारों सामरिक ग़लतियाँ हुईं लेकिन ये भी कहा कि सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने का फ़ैसला सही क़दम था. राइस ने कहा कि इराक़ पर अमरीका के नेतृत्ववाले गठबंधन का हमला "एक सही रणनीतिक फ़ैसला था." ब्लैकबर्न में अमरीकी विदेश नीति के बारे में एक महत्वपूर्ण भाषण और फिर अंतरराष्ट्रीय सामरिक विषयों के संस्थान-चैटहम हाउस में कोंडोलीज़ा राइस के साथ एक सवाल-जवाब सत्र में भाग लिया. राइस ने कहा, "मैं जानती हूँ कि हमने ग़लतियाँ की हैं. लेकिन हम अगर इतिहास पर नज़र डालें तो उसकी समीक्षा इस बात से होती है कि क्या आपने सही रणनीतिक फ़ैसला लिया." कोंडोलीज़ा राइस ने कहा, "मेरा यह पक्का विश्वास है कि यह एक सही रणनीतिक फ़ैसला था क्योंकि सद्दाम हुसैन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए काफ़ी लंबे समय से ख़तरा बने हुए थे." | इससे जुड़ी ख़बरें 'अमरीका के सामने नए तरह का दुश्मन'01 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका दुनिया का जेलर नहीं:राइस31 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान से सबसे अधिक ख़तरा हैःराइस09 मार्च, 2006 | पहला पन्ना क्या है राइस के फ़िट रहने का राज़...02 मार्च, 2006 | पहला पन्ना प्रताड़ना पर अमरीकी नीति में 'बदलाव'07 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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