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अमरीका दुनिया का जेलर नहीं:राइस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि न्याय और क़ानून के शासन के प्रति अमरीका की प्रतिबद्धता पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए. अमरीकी विदेश नीति पर एक महत्वपूर्ण भाषण में राइस ने कहा कि दुनिया का जेलर बनने की अमरीका की कोई इच्छा नहीं है. उनका इशारा ग्वांतानामो बे शिविर में दुनिया भर से बंदियों को लाकर रखे जाने की ओर था. राइस ने कहा कि स्वतंत्रता के उद्देश्यों को आगे बढ़ाना ही आज शांति की सबसे बड़ी उम्मीद है. अमरीकी विदेश मंत्री ने ब्रिटेन में ब्लैकबर्न शहर की यात्रा के दौरान यह घोषणा की है. वह ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ के मेहमान के रूप में ब्रिटेन पहुँची हैं. ब्लैकबर्न स्ट्रॉ का चुनाव क्षेत्र है. दो टूक बयान राइस ने कहा, "राष्ट्रपति बुश दोटूक शब्दों में कह चुके हैं और मैंने भी कहा है कि अमरीका क़ानूनों के हिसाब से चलने वाला राष्ट्र है और हम किसी भी अमरीकी के प्रताड़ना की कार्रवाई में संलग्न होने को सहन नहीं कर सकते- चाहे ऐसा अमरीका की धरती पर हो या विदेशों में." इराक़ में अमरीकी उपस्थिति के बारे में राइस ने कहा कि भले ही उनके देश ने इराक़ में हज़ारों ग़लतियाँ की हों, इसके बावज़ूद उन्हें लगता है कि सद्दाम हुसैन को सत्ता से बेदखल करना सही था. क़रीब डेढ़ सौ प्रदर्शनकारियों ने ब्लैकबर्न में राइस का विरोध किया. प्रदर्शनकारी कोंडोलीज़ा राइस वापस जाओ का नारा लगा रहे थे. राइस ब्लैकबर्न में एक स्कूल देखने गई. वह एक मस्जिद का भी दौरा करने वाली थी लेकिन विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान से सबसे अधिक ख़तरा हैःराइस09 मार्च, 2006 | पहला पन्ना क्या है राइस के फ़िट रहने का राज़...02 मार्च, 2006 | पहला पन्ना प्रताड़ना पर अमरीकी नीति में 'बदलाव'07 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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