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ईरान ने 'पश्चिमी दबाव को नकारा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि उनका देश पश्चिमी देशों के दबाव में यूरेनियम संवर्धन करने के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा. स्थानीय मीडिया में उनका यह बयान आया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा का पाँच स्थायी सदस्य देशों और जर्मनी एक दिन पहले ही वियेना में हुए सम्मेलन में ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम बंद करने के एवज में एक पैकेज देने पर सहमत हुए थे. इसी बैठक में ईरान के प्रस्ताव न मानने पर कड़े दंड पर भी सहमति हुई थी. ईरान हालाँकि यह बाद दोहराता रहा है कि परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन नहीं रोकेगा और शुक्रवार को भी राष्ट्रपति ने यह बात दोहराई. इसके बावजूद अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि वह ईरान के मंत्रियों से मुलाक़ात करने की स्थिति में होंगी बशर्ति कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम स्थगित करे और बातचीत में भाग लेने के लिए तैयार हो जाए. राइस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कुछ ही सप्ताह के अंदर ईरान का औपचारिक जवाब आ जाएगा. हालाँकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान वियेना की बैठक में पेश किए गए पैकेज को ठुकराता है तो सख़्त क़दम उठाए जा सकते हैं. उधर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में कहा कि ईरान पर प्रतिबंधों के बारे में कोई बात करना जल्दबाज़ी होगी. उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व के साथ बातचीत करने की सख़्त ज़रूरत है. परमाणु प्रोद्योगिकी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ सहयोग करता रहा है और सहयोग जारी भी रखेगा. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश कुछ अन्य कारणों की वजह से ईरान को परमाणु प्रोद्योगिकी से वंचित रखना चाहते हैं. अहमदीनेजाद ने कहा, "हमें परमाणु प्रोद्योगिकी से वंचित करने के पश्चिमी देशों के प्रयास कभी कामयाब नहीं होंगे." अहमदीनेजाद ने कहा, "पश्चिमी देशों के विरोध का कारण परमाणु हथियारों पर चिंता नहीं है बल्कि ईरान को परमाणु प्रोद्योगिकी में कामयाबी हासिल करने से रोकना है क्योंकि अगर ईरान ऐसा करता है तो उससे सभी स्वतंत्र देशों के लिए नया रास्ता खुलेगा." अमरीका के एक वरिष्ठ अधिकारी जॉन नीगरोपोंटे ने कहा कि ऐसा लगता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने पर तुला हुआ है. अमरीका में सर्वोच्च ख़ुफ़िया संस्था नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक जॉन नीगरोपोंटे ने कहा था कि ईरान दस साल के भीतर बम बना सकता है. जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए है. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका की बातचीत की पेशकश 31 मई, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर बैठक में सहमति नहीं बनी09 मई, 2006 | पहला पन्ना राइस और स्ट्रॉ की इराक़ी नेताओं से चर्चा02 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी नेताओं को चेतावनी02 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना परमाणु हथियारों की ज़रूरत नहीं: ईरान14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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