|
'कुछ प्रस्ताव सकारात्मक, कुछ अस्पष्ट' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के परमाणु कार्यक्रम विवाद के सिलसिले में पेश किए गए प्रस्तावों के बारे में ईरान के परमाणु वार्ताकार ने कहा है कि इनमें से कुछ प्रस्ताव सकारात्मक हैं. पर साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ प्रस्तावों में कई तरह की अस्पष्टताएँ भी हैं जिन्हें हटाए जाने की ज़रूरत है. यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना ने छह देशों के प्रस्ताव ईरान के परमाणु वार्ताकार के समक्ष तेहरान में रखे हैं. छह देशों के प्रस्तावों को सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक इनमें ईरान को परमाणु रिएक्टर देना और संवर्द्धित यूरेनियम मुहैया करवाने की बात शामिल हो सकती है. तेहरान हवाईअड्डे पर पहुँचने के बाद हाविए सोलाना ने कहा कि पश्चिमी देश 'विश्वास के आधार पर ईरान के साथ नए सिरे से रिश्ता' बनाना चाहते हैं. उनकी प्रवक्ता ने कहा है कि हाविए सोलाना तेहरान में सुबह कई बैठकें करेंगे जिसमें वे प्रस्तावों के बारे में विस्तार से बताएँगे. सकारात्मक रुख़ हाविए सोलाना के तेहरान पहुँचने से पहले ईरान के विदेश मंत्री मनुचेहर मोत्तकी ने कहा, "अगर उनका मकसद पूरे मुद्दे को राजनीतिक रंग देना नहीं है और अगर वे हमारी माँग पर विचार करते हैं तो हम किसी तार्किक समझौते पर पहुँच सकते हैं." बीबीसी संवाददाता के मुताबिक मनुचेहर मोत्तकी ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि यूरोपीय देश पिछले साल की ग़लती नहीं दोहराएँगे जिसमें उन्होंने ईरान के मत पर विचार किए बगैर अपने प्रस्ताव बना लिए थे." संवाददाता के मुताबिक मनुचेहर मोत्तकी के बयान को नए प्रस्तावों के प्रति सकारात्मक रुख़ के तौर पर देखा जा रहा है पर साथ ही उनका बयान ये भी दर्शाता है कि ईरान विस्तार से प्रस्ताव पर बात करना चाहता है. ये प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्यों और जर्मनी ने मिलकर तैयार किए हैं. इन देशों का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू होने से पहले ईरान यूरेनियम संवर्द्धन का काम बंद करे. लेकिन ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि उनका देश पश्चिम के दबाव में आकर परमाणु तकनीक हासिल करने का अपना हक़ नहीं छोड़ेगा. ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई ने रविवार को चेतावनी दी थी कि अगर अमरीका ने कोई ग़लत क़दम उठाया तो मध्य पूर्व में ईंधन आर्पूति बाधित हो जाएगी. उधर अमरीका में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा है कि प्रस्तावों पर विचार करने के लिए ईरान को समय दिया जाना चाहिए. अमरीका ने आगाह किया है कि अगर ईरान ने प्रस्ताव ठुकराए तो संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ईरान प्रस्ताव पर विचार करेगा'04 जून, 2006 | पहला पन्ना ईंधन आपूर्ति रोकी जा सकती है: ख़मेनेई04 जून, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने 'पश्चिमी दबाव को नकारा'02 जून, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान 10 साल में बम बना लेगा'02 जून, 2006 | पहला पन्ना यूरेनियम संवर्द्धन जारी रहेगा: ईरान01 जून, 2006 | पहला पन्ना ईरान को पैकेज देने पर सहमति01 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||