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ईरान ने परमाणु प्लांट का उदघाटन किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने भारी पानी के एक ऐसे प्लांट का उदघाटन किया है जिसके भारी पानी का इस्तेमाल एक अन्य परमाणु रिएक्टर को ठंडा करने के लिए किया जाएगा. भारी पानी के इस प्लांट को ईरान के परमाणु कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है जिस पर कुछ पश्चिमी देशों ने ऐतराज़ जताया हुआ है. भारी पानी का यह प्लांट राजधानी तेहरान से क़रीब 190 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में अरक में स्थित है. पश्चिमी देशों ने आशंका जताई है कि ईरान इस प्लांट का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने की अपनी परियोजना के एक हिस्से के रूप में कर सकता है. लेकिन ईरान सरकार का कहना है कि इस प्लांट का इस्तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाएगा. अमरीका का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान का कहना है कि वह एक ऐसा रिएक्टर बनाने की कोशिश कर रहा है जिससे देश की परमाणु ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा किया जाएगा. राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने जब अरक में इस प्लांट का दौरा किया तो उनके साथ देश के कुछ बहुत वरिष्ठ अधिकारी भी थे. इसका निर्माण कार्य दो साल पहले शुरू हुआ था और इसके पूरा होने में अभी तीन और वर्ष का समय लगेगा. ठंडा करेगा इस प्लांट के भारी पानी का इस्तेमाल परमाणु रिएक्टर को ठंडा करने के लिए किया जाएगा जोकि उसी परिसर में बनाया जा रहा है. उस परमाणु रिएक्टर में फिर उससे प्लूटोनियम बनेगा. कुछ पश्चिमी देशों ने आशंका जताई है कि इस प्लूटोनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है. अरक में भारी पानी के इस प्लांट का उदघाटन ऐसे समय में हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान को अपना यूरेनियम संवर्धन का कार्यक्रम स्थगित करने के लिए 31 अगस्त तक की समय सीमा दी हुई है. सुरक्षा परिषद ने कहा हुआ है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसका मक़सद सिर्फ़ ऊर्जा पैदा करना है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामिद रज़ा ने सरकारी टेलीविज़न पर कहा, "भारी पानी का उत्पादन करने वाले प्लांट का उदघाटन करना देश के उस अधिकार का इस्तेमाल करने की दिशा में एक और क़दम है जिसके तहत शांति पूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक का इस्तेमाल करना शामिल है. विदेश मंत्री मनुचेहर मुत्तकी ने शुक्रवार को कहा था कि कोई भी देश ईरान को परमाणु तकनीक का इस्तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के करने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान के जवाब से अमरीका संतुष्ट नहीं23 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना गैस क़ीमत तय करने के लिए सलाहकार04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस चीन, रूस ने बातचीत की हिमायत की23 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना पश्चिमी देशों के साथ 'गंभीर' बातचीत 22 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा'06 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना ईरान को मिली एक महीने की समयसीमा31 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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