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सोमवार, 19 जून, 2006 को 16:50 GMT तक के समाचार
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राष्ट्रपति बुश ने ईरान को दी चेतावनी
ईरान
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने परमाणु मुद्दे पर बातचीत की पेशकश ठुकराई तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग कर दिया जाएगा.

उन्होंने ईरान के नेताओं को भी चेतावनी दी कि अगर बातचीत में हिस्सेदारी के लिए उन्होंने परमाणु संवर्द्धन का काम नहीं रोका, तो ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदी लगाई जा सकती है और सुरक्षा परिषद उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई भी कर सकता है.

अमरीकी मर्चेंट मरीन एकेडमी में भाषण करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अगर ईरानी सरकार के पास परमाणु हथियार आ गया तो इससे दुनियाभर के लोगों के सामने गंभीर ख़तरा खड़ा हो सकता है.

राष्ट्रपति बुश मंगलवार को ऑस्ट्रिया रवाना होने वाले हैं जहाँ उन्हें अमरीका-यूरोपीय संघ के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेना है. इस सम्मेलन में मुख्य मुद्दा ईरान ही होगा.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ईरान से कहा है कि अगर उसने परमाणु कार्यक्रम को रोकने के बदले में प्रस्तावित पैकेज को स्वीकार नहीं किया तो उसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे.

दबाव

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ कई सप्ताह तक चली कूटनीति और संयम रखने के बाद अमरीका ने एक बार फिर ईरान पर दबाव बढ़ाना शुरू किया है.

राष्ट्रपति बुश ने कहा पाबंदी भी लगाई जा सकती है

ईरान को यूरेनियम संवर्द्धन बंद करने के बदले में एक पैकेज देने की पेशकश की गई थी और अमरीका प्रतीक्षा करता रहा है कि ईरान उसका क्या जवाब देता है.

लेकिन ईरान की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. बुश ने कहा कि अमरीका को उम्मीद है कि ईरान प्रस्ताव को स्वीकार कर स्वेच्छा से परमाणु कार्यक्रम बंद कर देगा जिससे कि उसे फ़ायदा ही फ़ायदा होगा.

साथ ही उन्होंने कहा,"लेकिन यदि ईरान ने प्रस्ताव ठुकराया तो फिर मामला सुरक्षा परिषद में जाएगा, वह दुनिया में अलग-थलग पड़ जाएगा और उसके ख़िलाफ़ राजनीतिक और आर्थिक प्रतिबंध लगते जाएँगे."

उन्होंने एक बार फिर ईरान पर आरोप लगाया कि वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, अपने यहाँ के लोगों की आज़ादी छीन रहा है और इसराइल के अस्तित्व को नहीं मानता है.

राष्ट्रपति बुश ने दोहराया है कि वे इस मुद्दे को कूटनीति से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन उन्होंने कहा है कि ईरान को कुछ हफ़्तों में जवाब देना चाहिए ना कि महीनों में.

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