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'ग्वांतानामो' बंद करने के लिए बुश की शर्त | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्वांतानामो बे बंदीगृह में तीन क़ैदियों की आत्महत्या के बाद पहली बार अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वे बंदीगृह को बंद तो करना चाहते हैं लेकिन पहले कुछ मुद्दों का समाधान होना चाहिए. उनका कहना था कि वे इस शिविर को तब ही बंद करना चाहेंगे जब, उनके शब्दों में -'वहाँ बंद ख़तरनाक क़ैदियों के मुद्दे का न्यायालय के ज़रिए समाधान करने कोई योजना तैयार हो जाती है.' राष्ट्रपति बुश का कहना था कि शिविर को बंद करना इस बात पर निर्भर करेगा कि अमरीकी सुप्रीम कोर्ट क़ैदियों पर सैन्य अदालतों में मुकदमें चलाने की इजाज़त देती है या नहीं. उधर अफ़ग़ानिस्तान की सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल ग्वांतानामों में रखे गए अफ़ग़ान क़ैदियों से मिलने के बाद अफ़ग़ानिस्तान लौट आया है. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने स्वतंत्र तौर पर सभी 96 क़ैदियों से बातचीत की और पाया कि ग्वांतानामो में परिस्थितियाँ सामान्य हैं. अफ़ग़ान प्रशासन का कहना था कि अफ़ग़ान क़ैदियों को जल्द ही अफ़ग़ानिस्तान वापस भेजा जाएगा लेकिन उन्होंने इसके बारे में कोई तारीख़ सार्वजनिक नहीं की. काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि संभावना है कि कुछ ही अफ़ग़ान क़ैदियों को रिहा किया जाएगा और वह भी कुछ महीने के बाद. | इससे जुड़ी ख़बरें ग्वांतानामो बंद करोः संयुक्त राष्ट्र अधिकारी16 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना अन्नान ने की शिविर बंद करने की माँग17 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना ग्वांतानामो बे क़ैदियों के नाम जारी03 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ग्वांतानामो के एक बंदी की दास्तान03 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ग्वांतानामो के क़ैदियों के नाम सार्वजनिक20 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना प्रताड़ना पर अमरीका से सवाल-जवाब05 मई, 2006 | पहला पन्ना पाँच क़ैदी ग्वांतानामो से रिहा06 मई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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