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प्रताड़ना पर अमरीका से सवाल-जवाब | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
'आतंक के ख़िलाफ़' लड़ाई और कई गोपनीय बंदीगृहों के बारे में कई सवालों का जवाब देने के लिए अमरीकी अधिकारी संयुक्त राष्ट्र की एक समिति के सामने पेश होने जा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र की ये समिति जेनेवा में अमरीका के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की सुनवाई करेगी. कई मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि अमरीका संयुक्त राष्ट्र के प्रावधानों का उल्लंघन कर प्रताड़ना में संलग्न है. उनका कहना है कि इराक़, अफ़ग़ानिस्तान, ग्वांतानामो बे और कई जगह अमरीका ने 'आतंकवाद फ़ैलाने' के आरोप में क़ैद लोगों को प्रताड़ित करने और उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने की अनुमति दे रहा है. संभावना है कि अमरीकी रक्षा, विदेश, क़ानून और आंतरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी इस सुनवाई में उपस्थित होंगे. ग्यारह सितंबर के हमलों के बाद पहली बार अमरीका संयुक्त राष्ट्र की इस समिति के सामने अपनी नीतियों के बारे में बात करने जा रहा है. बीबीसी संवाददाता रॉब वाटसन का कहना है कि अमरीकी अधिकारियों को कई टेढ़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है. संवाददाता का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की समिति अमरीका से सीआईए के गोपनीय बंदीगृहों के बारे में भी जानकारी माँग सकती है. समिति ये आश्वासन भी माँग सकती है कि ग्वांतानामो बे और अबू ग़रैब जेल जैसी घटनाएँ फिर नहीं होंगी. | इससे जुड़ी ख़बरें अबू ग़रेब के पूर्व प्रमुख पर मामला29 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी सेना अबू ग़रेब जेल छोड़ेगी10 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ग्वांतानामो बे शिविर बंद नहीं करेगा16 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना वीडियोः अबू ग़रेब जेल से नई तस्वीरें 15 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना सैनिकों पर दुर्व्यवहार के मामले दर्ज08 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना अमरीका क़ैदियों को यातनाएँ नहीं देता07 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना अबू ग़रेब जेल से हज़ार क़ैदियों की रिहाई27 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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