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अमरीका क़ैदियों को यातनाएँ नहीं देता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि अमरीका क़ैदियों को यातनाएँ नहीं देता. हाल में अमरीका पर आरोप लगे हैं कि उसने यूरोप में गुप्त जेलों में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित संदिग्ध लोगों को क़ैद कर रखा है. रविवार को संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि मैनफ़्रैड नोवाक ने यूरोपीय संघ के अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे इन आरोपों की उच्च स्तरीय जाँच करवाएँ. लेकिन राष्ट्रपति बुश ने क़ैदियों के साथ अमरीका सरकार के बर्ताव की सफ़ाई दी है. उन्होंने कहा कि अमरीका के शत्रु उसे फिर नुकसान पहुँचाने के षड्यंत्र रच रहे हैं लेकिन उनकी सरकार क़ानून के अनुसार उनका पीछा करेगी. उधर अमरीका में उसके सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि विदेशी क़ैदियों पर सैनिक ट्राएब्यूनल के सामने मुकदमा चलाए जाने को क़ानून चुनौती दी जा सकती है. लेकिन न्यायालय को ये फ़ैसला करने है कि ग्वांतानामों बे में ओसामा बिन लादेन के ड्राइवर सलीम अहमद हमादान पर सैनिक अधिकारियों के सामने युद्ध अपराध का मामला चलाया जा सकता है या नहीं. | इससे जुड़ी ख़बरें भूख हड़ताल दूसरे महीने में पहुँची09 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना ग्वांतनामो में भूख हड़ताल जारी01 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना महिला सैनिक को तीन साल की क़ैद28 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना बंदियों के लिए क़ानूनी परिवर्तन01 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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