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अबू ग़रेब जेल से हज़ार क़ैदियों की रिहाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सैनिकों का कहना है कि उन्होंने इराक़ की अबू ग़रेब जेल से क़रीब एक हज़ार क़ैदियों को रिहा कर दिया है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने इराक़ी सरकार के अनुरोध पर ऐसा किया है. अमरीकी सैनिक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रिहा किए गए क़ैदियों में से कोई भी ऐसा नहीं है जिसे गंभीर अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था. बयान में ये भी कहा गया है कि सभी क़ैदियों ने हिंसा छोड़ने की बात कही है. माना जा रहा है कि अमरीकी सैनिक कार्रवाई के बाद यह ऐसी पहली बड़ी रिहाई है. इन क़ैदियों की रिहाई 24 से 27 अगस्त के बीच हुई. अधिकारियों ने इससे इनकार किया है कि इस क़दम का संविधान के मसौदे पर चल रही बातचीत से कोई लेना-देना है. सकारात्मक क़दम लेकिन बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि इसे एक सकारात्मक क़दम के रूप में देखा जा रहा है. संविधान के मसौदे को नामंज़ूर करने वाले सुन्नी नेता कई बार कह चुके हैं कि हज़ारों लोगों को बिना किसी आरोप के जेल में रखा गया है. इन क़ैदियों की रिहाई के बारे में अमरीकी सैनिक अधिकारियों का कहना है कि इराक़ के कई हिस्सों से लाकर इन्हें अबू ग़रेब की जेल में रखा गया था. हालाँकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि इन क़ैदियों को कितने दिनों तक जेल में रखा गया. अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि रिहाई से पहले इराक़ी पुलिस और गठबंधन सेना के एक आयोग ने इन क़ैदियों पर लगे आरोपों की गहराई से समीक्षा भी की थी. बयान में कहा गया है, "इराक़ में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार क़ैदियों की रिहाई हो रही है. यह इस बात का प्रतीक भी है कि इराक़ लोकतांत्रिक शासन और क़ानून के शासन की ओर बढ़ रहा है. यह इस बात का भी प्रतीक है कि इराक़ी सरकार सभी इराक़ियों को सुरक्षा और न्याय देने की कोशिश कर रही है." अप्रैल 2004 में अबू ग़रेब जेल की चर्चा उस समय हुई थी, जब क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की सनसनीख़ेज तस्वीरें जारी हुई थी. |
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