| अबू ग़रेब मामला: सैनिक ने अपराध माना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अबू ग़रेब जेल में क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में अमरीकी सैनिक लिंडी इंग्लैंड ने अपराध स्वीकार करते हुए उन पर लगाए सात आरोपों को मान लिया है. टेक्सास में सैनिक अदालत की सुनवाई के दौरान उन्होंने ये अपराध स्वीकार किए और अब सैनिक अदालत इस मामले में फ़ैसला करेगी. वकीलों का कहना है कि अपना दोष स्वीकार करने के कारण लिंडी इंग्लैंड की सज़ा घट सकती है लेकिन उन्हें अब भी ग्यारह साल तक की जेल की सज़ा सुनाई जा सकती है. लिंडी इंग्लैंड उन नौ सैनिकों में से एक हैं जिनपर सन 2003 में इराक़ी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे थे. सनवाई के दौरान उन्होंने पहले कहा था कि क़ैदियों की तस्वीरें लेने का मकसद केवल 'मज़ाक' था. लिंडी इंग्लैंड, जो 21 वर्षीय है, तब चर्चा में आई थीं जब अबू ग़रेब जेल में क़ैदियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों में छपीं थीं. ये तस्वीरें छपने के बाद क़ैद इराक़ियों के साथ दुर्व्यवहार की दुनिया भर में कड़ी आलोचना हुई थी. एक तस्वीर में लिंडी इंग्लैंड को एक क़ैदी के गले में पड़ा कुत्ते वाला पट्टा पकड़े दिखाया गया था और वह क़ैदी निर्वस्त्र था. इनमें से कुछ तस्वीरों में वह मुस्कुरा रही थीं और नक़ाब पहने निर्वस्त्र इराक़ी क़ैदियों की ओर संकेत कर रही हैं. |
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