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दुर्व्यवहार मामले में पहला कोर्ट मार्शल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार के मामले में अमरीकी सेना ने पहले सैनिक के कोर्ट मार्शल की घोषणा की है. सेना के अनुसार 24 वर्षीय सेना पुलिस के अधिकारी जेरेमी सिविट्स पर मुक़दमा 19 मई से शुरू होगा. पेन्सिल्वेनिया में हिंडमान के स्पेशलिस्ट सिविट्स पहले ऐसे अधिकारी होंगे जिन पर इस मामले में मुकदमे की तारीख़ की घोषणा की गई है. ब्रिगेडियर जनरल मार्क किम्मिट का कहना है कि जेरेमी पर तीन मामले तय किए गए हैं और ये मुक़दमा सार्वजनिक रूप से होगा. सिविट्स के अलावा छह अन्य सैनिकों पर भी आरोप तय किए गए हैं. जनरल किम्मिट कहते हैं, "इसमें कई और लोगों के शामिल होने की भी संभावना है." निर्देश का पालन उन पर लगाए गए आरोप इस प्रकार हैं
जनरल किम्मिट का कहना है कि स्पेशलिस्ट सिविट्स पर जब तक आरोप साबित नहीं हो जाते तब तक उन्हें निर्दोष माना जाएगा.
उन्होंने बग़दाद में पत्रकारों से कहा," इसे इतना बढ़ा-चढ़ाकर मत लिखिएगा कि इराक़ में अच्छा काम कर रहे 135,000 दूसरे अमरीकी सैनिकों और मरीन्स भी अभियुक्त मान लिए जाएँ." स्पेशलिस्ट सिविट्स के पिता डेनियल सिविट्स ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उनका बेटा केवल निर्देशों का पालन कर रहा था. उन्होंने ये भी कहा कि उनके बेटे ने ट्रक मैकेनिक की ट्रैनिंग ली है, जेल के गार्ड की नहीं. शनिवार को अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने वादा किया कि "हम सभी तथ्यों की जानकारी लेंगे और दुर्व्यवहार के मामले की तह तक जायेंगे." राष्ट्रपति बुश ने कहा, "जो इसमें शामिल हैं उनकी पहचान की जाएगी. उन्हें अपने इस बर्ताव का जवाब देना होगा." |
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