|
अमरीकी सैन्य अधिकारियों को फटकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना ने इराक़ में क़ैदियों के साथ कथित तौर पर बुरा बर्ताव करने के लिए अपने छह अधिकारियों को फटकार लगाई है. उनपर बग़दाद के बाहर अबू ग़्राईब नाम की जेल में इराक़ी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे. क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार की ये घटनाएं 2003 में हुईं जिनमें बीस क़ैदियों के साथ यह बर्ताव हुआ. समझा जा रहा है कि फटकार लगाए जाने के बाद इन अधिकारियों को सेना से निकाला भी जा सकता है. अमरीकी सेना में फटकार लगाने को सबसे गंभीर लिखित सज़ा माना जाता है. जिन छह अधिकारियों को फटकार लगाई गई है उनमें 800वीं सेना पुलिस ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल जेनिस करपिन्स्की भी शामिल बताए गए हैं. इनके अबू ग़्राइब जेल में तैनात अलावा छह सैनिकों के ख़िलाफ़ भी आपराधिक जाँच की जा रही है. छह अधिकारियों को यह फटकार लिखित रूप में दी गई है जिसके बाद न सिर्फ़ प्रोन्नति का रास्ता बंद हो जाता है बल्कि सेना से निकालने का रास्ता भी लगभग पक्का हो जाता है. एक और अधिकारी की भी भर्त्सना की गई मगर इस पत्र का तेवर अन्य अधिकारियों के मुक़ाबले नरम था. आरोप और जाँच इन अधिकारियों पर लगे आरोपों की जाँच जनवरी में शुरू हुई थी. इन लोगों को एक महीने पहले नोटिस ये सौंपे गए थे लेकिन इन्हें सोमवार को सार्वजनिक किया गया.
मगर ये मामला पिछले सप्ताह उछला जब एक अमरीकी टीवी चैनल ने बंदियों के साथ बदसलूकी की तस्वीरें प्रसारित कीं. ग़ौतरलब है कि पिछले सप्ताह टेलीविज़न पर अमरीकी सैनिकों को इराक़ी बंदियों के साथ बदसलूकी करते हुए दिखाया गया था जिसके बाद अरब जगत में काफ़ी असंतोष फैला. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी इन घटनाओं पर अफ़सोस जताया था. बताया जा रहा है कि इराक़ी बंदियों के साथ कथित बदसलूकी की ये घटनाएँ पिछले साल नवंबर और दिसंबर में हुई थीं. इन तस्वीरों में लगभग 20 इराक़ी बंदियों को नंगा कर अमरीकी सैनिकों को उनके साथ बुरा बर्ताव करते हुए दिखाया गया था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||