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फ़लूजा की स्थिति को लेकर संशय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के वरिष्ठ सैनिक अधिकारी जनरल रिचर्ड मायर्स ने कहा है कि वे नहीं समझते कि फ़लूजा में इराक़ी सुरक्षा बल का नेतृत्व सद्दाम हुसैन के एक पूर्व जनरल को सौंपा गया है. जनरल मायर्स अमरीका के ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ हैं. उन्होंने कहा कि वे नहीं मानते कि जनरल जासिम सालेह ने नेतृत्व संभालने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. लेकिन इसके बावजूद जनरल सालेह 200 इराक़ी शांतिरक्षक सैनिकों के साथ इराक़ी शहर फ़लूजा में बने हुए हैं. मायर्स ने यह भी स्पष्ट किया कि अमरीकी मरीन फ़लूजा के आसपास बने हुए हैं और वहाँ से वे पीछे नहीं हट रहे. इस बीच इराक़ में हिंसा का दौर जारी है और रविवार को हुई अलग-अलग घटनाओं में नौ अमरीकी सैनिक मारे गए. वैसे पिछले साल इराक़ में सैनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद से सबसे ज़्यादा अमरीकी सैनिक इस साल अप्रैल में मारे गए. अप्रैल में 129 अमरीकी सैनिक मारे गए. जबकि मई के दो दिन में 12 अमरीकी सैनिक मारे जा चुके हैं. संशय फ़लूजा शहर में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है इस पर संशय बना हुआ है. इस संशय को हवा दी है अमरीका और इराक़ में मौजूद अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने जिनका सुर बदला हुआ है. बीबीसी के पेंटागन संवाददाता निक चाइल्ड्स कहते हैं कि फ़लूजा में हुए समझौते को अमरीकी प्रशासन कितनी गंभीरता से ले रहा है इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है. उनका कहना है कि अमरीका का शीर्ष नेतृत्व यह नहीं चाहता कि कोई भी समझौता विद्रोहियों की जीत की तरह लगे. जैसा कि फ़लूजा से अमरीकी सैनिकों की वापसी पर वहाँ हुआ. पूरा शहर इसे अमरीकी सैनिकों पर अपनी जीत मानकर जश्न मना रहा था. |
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