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सऊदी अरब में विदेशी लोगों की हत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब के यांबू शहर में पश्चिमी देशों के कई ठिकानों पर हमले में कम से कम पाँच विदेशी लोग मारे गए हैं. मारे गए लोगों में दो अमरीकी, एक ऑस्ट्रेलियाई और दो ब्रितानी हैं. सऊदी अरब का एक सुरक्षा गार्ड भी मारा गया है. सऊदी अरब के सुरक्षाकर्मियों ने तीन हमलावरों को मार गिराया और चौथे को भी बुरी तरह घायल कर दिया. सऊदी गृह मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार चार बंदूकधारी सुबह सात बजे एक सऊदी ठेकेदार के दफ़्तर में घुसे और उन्होंने वहाँ स्थानीय और विदेशी कर्मचारियों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं. इसके बाद वे चारों लोग एक रिहाइशी इलाक़े में घुस गए और वहाँ भी उन्होंने अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं. मौक़े पर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने एक विदेशी की लाश को कार से बाँध सड़कों पर खचेड़ा. लंदन में सऊदी अरब के राजदूत प्रिंस तुर्की अल फ़ैसल ने इस हमले को शैतानी कार्रवाई बताया है. उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से 'आतंकवाद' को ख़त्म करने का सऊदी अरब का संकल्प और मज़बूत होगा. जिन जगहों को निशाना बनाया गया उन लोगों में एक मैक्डॉनल्ड रेस्तराँ भी था. शहर में रह रहे पश्चिमी देशों के नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बाहर नहीं निकलें. सऊदी अरब अपना तेल उद्योग चलाने के लिए पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों पर बहुत निर्भर है और यांबू में बहुत से तेल शोधक कारख़ाने और संयंत्र हैं. पश्चिमी देशों के लोगों के रहने के लिए बने एक परिसर के नागरिकों ने कहा कि उन्होंने भी गोलीबारी की आवाज़ें सुनी हैं. |
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