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इराक़ मामले पर अरब देश नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराकी क़ैदियों के साथ अमरीकी सैनिकों के कथित दुर्व्यवहार की जो तस्वीरें अरब देशों के टेलीविज़न चैनलों पर शुक्रवार की रात दिखाई गईं थीं उन पर अरब लीग ने बड़ी आक्रोषपूर्ण प्रतिक्रिया व्यक्त की है. अरब जगत से मिली सभी सरकारी और ग़ैर सरकारी प्रतिक्रियाओं में साफ़ कहा गया है इन सनसनीख़ेज़ तस्वीरों से मानवता का जो नुक़सान हुआ है उसकी कभी भरपाई नहीं हो सकती. अरब लीग के एक प्रवक्ता ने इराकी कैदियों के साथ हुए इस बर्ताव को बर्बर और शर्मनाक़ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. अरब देशों के मानव अधिकार आयोग का कहना है कि इस तरह क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की और भी बहुत सी शिकायतें उस के पास आई है. आयोग ने इराकी क़ैदियों के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार की तुरंत और स्वतंत्र जाँच कराए जाने की मांग की है. हालाँकि कहा ये कहा जा रहा है कि ये घटना बग़दाद के पास सिर्फ़ अबू ग़्रायब जेल में हुई और इसके लिए कुछ ही अमरीकी सैनिक ज़िम्मेदार थे लेकिन सीरिया के एक टेलीविज़न ने अपनी एक व्यापक रिपोर्ट में बताया है कि गठबंधन के क़ब्ज़े वाली सभी जेलों में क़ैदियों के साथ अमरीकी सैनिक इसी तरह 'अनैतिक, क्रूर और अमानवीय व्यवहार' कर रहे हैं. कुवैत के अलवतन नाम के अख़बार में इराकी क़ैदियों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की निंदा की गई है लेकिन साथ ही ये भी कहा गया है कि उन इस्लामी चरमपंथियों के लिए ए एक चेतावनी भी है जो अमरीका की छवि ख़राब करने में लगे हुए हैं. और भी तस्वीरें इन तस्वीरों में इराक़ी कैदियों को जिस तरह के यौन उत्पीड़न से गुज़रते दिखाया गया है वो पूरी अरबी संस्कृति के लिए एक सदमे से कम नहीं. उधर कुछ नई तस्वीरें भी अख़बारों में छपी हैं जिनमें दक्षिणी शहर बसरा में ब्रितानी सैनिकों के हाथों क़ैदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की दास्तान सामने आती है.
एक ऐसी तस्वीर में नक़ाब पहनाए हुए एक क़ैदी पर एक ब्रितानी सैनिक को बंदूक ताने हुए और पेशाब करते हुए दिखाया गया है. एक अन्य तस्वीर में दो इराक़ी महिलाओं के साथ बंदूक की नोक पर दो सैनिकों को बलात्कार करते हुए देखा जा सकता है. इन दोनों सैनिकों ने कथित तौर पर अमरीकी सेना की वर्दी पहनी हुई थी. बीबीसी संवाददाता पॉल वुड के मुताबिक हो सकता है कि अरबी भाषा की एक वैबसाइट पर भेजी गई बलात्कार की ये तस्वीरें फ़र्ज़ी हों लेकिन उनका कहना है कि इस वक़्त जो हालात हैं, उनमें अमरीकी सैनिकों पर लगाए गए आरोपों पर लोगों का आसानी से यक़ीन कर लेना कोई अचंभे की बात नहीं होगी. |
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