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ब्रितानी सैनिकों पर लगे आरोपों पर सवाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी क़ैदियों के साथ ब्रितानी सैनिकों के दुर्व्यवहार के बारे में डेली मिरर में छपी तस्वीरों पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं. इराक़ में काम कर चुके ब्रितानी सैनिकों ने तस्वीरों की वैधता पर संदेह व्यक्त किया है. डेली मिरर ने यह दावा किया है कि तस्वीरें इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा की हैं जिसमें एक ब्रितानी सैनिक एक इराक़ी क़ैदी पर पेशाब कर रहा है. लेकिन बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता पॉल एडम्स का कहना है कि सैनिक सूत्रों ने तस्वीरों की वैधता पर सवाल उठाए हैं. इन तस्वीरों में कई ऐसी बातों की ओर इशारा किया गया है जिन पर सवाल उठ सकते हैं. सवाल एक सवाल यह उठाया गया है कि जिस ब्रितानी क्वींस लंकाशायर रेजिमेंट पर आरोप लगाए जा रहे हैं उनके सैनिक वैसे हथियारों का इस्तेमाल नहीं करते जिन्हें इन तस्वीरों में दिखाया गया है. दूसरा सवाल यह उठाया जा रहा है कि हो सकता है कि तस्वीरें इराक़ की हो ही न. उधर ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का कहना है कि अगर ब्रितानी सैनिकों पर लगे आरोप सही साबित हुए तो इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता. प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा, "हम इराक़ ऐसी स्थितियों से छुटकारा दिलाने के लिए गए हैं न कि ऐसा करने के लिए." ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने पहले ही इन आरोपों की जाँच शुरू कर दी है. कुछ दिनों पहले बग़दाद की एक जेल में इराक़ी क़ैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार करते अमरीकी सैनिकों की भी कथित तस्वीरें जारी की गई थी. |
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