|
अधिकारियों से हो सकेगी पूछताछ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में अब अमरीका के वरिष्ठ सैनिक अधिकारियों से भी पूछताछ हो सकेगी. इराक़ में एक सैनिक जज ने क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में आरोपों का सामना कर रहे एक अमरीकी सैनिक के वकीलों को इसकी इजाज़त दे दी है. उन्होंने कहा कि इराक़ में अमरीकी नेतृत्व वाली सेना के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल रिकार्डो सांचेज़ और उनके वरिष्ठ अधिकारियों को गवाहों के तौर पर बुलाया जा सकता है. ये आदेश उन तीन सैनिकों के विरुद्ध लगे आरोपों की सुनवाई के दौरान दिया गया है जिन पर अबू ग़रेब जेल में क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप हैं. ये सैनिक चार्ल्स गार्नर, इवान फ़्रेडरिक और जवाल डेविस हैं. सोमवार को बग़दाद में शुरू हुई इस सुनवाई में आरंभिक तौर पर वैधानिक तकनीकियों को सुलझाने की कोशिश हो रही है जिसके बाद पूरे तौर पर सुनवाई होगी. एक सैनिक जेरमी सिविट्स को इस मसले में पहले ही एक साल की सज़ा हो चुकी है मगर इन तीनों के विरुद्ध लगे आरोप ज़्यादा गंभीर हैं और इन्हें 24 वर्ष तक की सज़ा हो सकती है. इन सैनिकों के बचाव पक्ष के वकीलों में से एक का तो ये तक कहना है कि वह अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड से भी पूछताछ करना चाहेंगे. सार्जेंट डेविस के प्रतिनिधि पॉल बर्गरिन ने बुश और रम्सफ़ेल्ड पर जेनेवा संधि को दरकिनार करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि आरोपों का सामना कर रहे सैनिकों को हर रोज़ ये निर्देश मिलते थे कि इराक़ी क़ैदियों को ख़ुफ़िया जानकारी के बारे में पूछताछ के लिए तैयार किया जाए. सुनवाई के दौरान जज कर्नल जेम्स पोहल ने अबू ग़रेब को अपराध वाली जगह बताया और आदेश दिया कि अभी उसे ध्वस्त नहीं किया जाना चाहिए. राष्ट्रपति बुश इस जेल को ध्वस्त करने का आदेश दे चुके हैं. स्पेशलिस्ट गार्नर पर आरोप हैं कि क़ैदियों को एक पर एक इकट्ठा करके वह उन पर कूदे और चोट पहुँचाई. सार्जेंट फ़्रेडरिक पर क़ैदियों को हस्त-मैथुन के लिए विवश करने और उन्हें निर्वस्त्र करने का आरोप है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||