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अमरीकी कर्नल को फटकार, जुर्माना भी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ स्थित अबू ग़रेब जेल के एक शीर्ष अमरीकी कमांडर को काम में लापरवाही का दोषी पाया गया है. इसी जेल में इराक़ी क़ैदियों के साथ अमरीकी सैनिकों ने दुर्व्यवहार किया था. कर्नल थॉमस पैप्पस को जम कर फटकार लगी और उन पर आठ हज़ार डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है. कर्नल पैप्पस को दो बार काम में लापरवाही का दोषी पाया गया. इनमें से एक था पूछताछ के दौरान कुत्तों को रखने की अनुमति देना. इराक़ की राजधानी बग़दाद के निकट इस जेल में कर्नल पैप्पस ख़ुफ़िया सैनिकों के प्रभारी थे. जर्मनी में चली सुनवाई में कर्नल पैप्पस ने अपने पक्ष में सबूत भी पेश किए. लेकिन मेजर जनरल बेनी विलियम्स ने उन्हें 2003 के आख़िर और वर्ष 2004 के शुरू में दो बार कर्नल पैप्पस को काम में लापरवाही का दोषी पाया. पिछले हफ़्ते अबू ग़रेब जेल के पूर्व कमांडर ब्रिगेडियर जेनिस कारपिंस्की को पदावनत कर दिया गया था. वर्ष 2003 के आख़िर में इराक़ी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था और कई सनसनीख़ेज तस्वीरें भी जारी हुईं थीं. दोषी इस मामले में अमरीका के नौ जूनियर सैनिकों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से सात को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है. जर्मनी में चली सुनवाई के दौरान कर्नल पैप्पस को दो बार काम में लापरवाही का दोषी पाया गया. दूसरी बार काम में लापरवाही के बारे में बताया गया है कि कर्नल पैप्पस ने पूछताछ के दौरान ऐसी तकनीक अपनाई जिसकी मंज़ूरी नहीं थी और जिसके लिए उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति नहीं ली. ख़ासकर पूछताछ के दौरान सैनिक कुत्तों की मौजूदगी के बारे में. लेकिन जाँच के दौरान कर्नल पैप्पस को क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार का दोषी नहीं पाया गया. |
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