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अबू ग़रेब मामले में दस साल की जेल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अबू ग़रेब जेल में क़ैदियों के साथ मारपीट और यौन दुर्व्यहार के मामले में अमरीकी सैनिक चार्ल्स ग्रेनर को दस साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है. उन्हें अमरीकी सेना से बाहर निकाले जाने का आदेश भी दिया गया है. टेक्सास में एक सैन्य अदालत ने दो घंटे के सोच विचार के बाद ये आदेश सुनाया और इसे इन मामलों में अब तक की सबसे कड़ी सज़ा माना जा रहा है. 'स्पेशलिस्ट' चार्ल्स ग्रेनर पर षड्यंत्र रचने, दुर्व्यवहार, हिंसक हमला करने समेत दस आरोप लगाए गए थे. इससे पहले ग्रेनर ने न्यायालय से प्रार्थना की थी कि उनके साथ सख़्ती न बरती जाए क्योंकि वे केवल वरिष्ठ अधिकारियों के दिए गए आदेशों का पालन कर रहे थे. लेकिन जूरी ने उन सब तर्कों को ख़ारिज कर दिया. इस पूरे मामले के सार्वजनिक होने और दुर्व्यवहार की तस्वीरें छपने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अफ़रा-तफ़री मच गई थी. लेकिन इस न्यायिक आदेश के आलोचकों ने कहा है कि गार्नर को केवल 'बली का बकरा' बनाया जा रहा है और दुर्व्यवहार के लिए वरिष्ठ लोग ज़िम्मेदार हैं. इस मामले में चार सैनिक पहले ही अपना दोष स्वीकार कर चुके हैं और उन्हें औपचारिक रूप से दोषी ठहराया जा चुका है. तीन अन्य लोगों पर भी मुक़दमा चल रहा है. एक अन्य सैनिक सार्जेंट आइवन फ़्रेडेरिक को इस मामले में पहले ही आठ साल की क़ैद की सज़ा सुनाई जा चुकी है. |
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