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'अबू ग़रेब जेल में अराजकता थी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बग़दाद की अबू ग़रेब जेल में इराक़ी बंदियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जाँच से पता चला है कि जेल में 'अराजकता' थी. अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने इस जाँच के आदेश दिए थे. जाँच ने इस बारे में वरिष्ठ नागरिक और सैनिक अधिकारियों को दोषी ठहराने के साथ-साथ नेतृत्व की असफलता और अनुशासनहीनता का ज़िक्र भी किया है. जाँच दल का नेतृत्व करने वाले जेम्स श्लेस्लिंगर का कहना था कि सैनिकों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया, उनके पास ज़रूरी उपकरण नहीं थे और उन पर बार-बार हमले हो रहे थे. उन्होंने कहा कि दुर्व्यवहार की जो तस्वीरें सामने आईं उनसे जेलकर्मियों की अनुशासनहीनता और दूसरों को तकलीफ़ देकर मज़ा पाने की मनोदशा का पता चलता है. रम्सफ़ेल्ड का इस्तीफ़ा नहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार करने की कोई आधिकारिक नीति नहीं थी और रक्षा मंत्री रम्सफ़ेल्ड को इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए. श्लेस्लिंगर का कहना था कि यदि रम्सफ़ेल्ड ने इस्तीफ़ा दिया तो ये 'अमरीका के दुश्मनों के लिए वरदान होगा और अमरीका के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा.' उन्होंने ये भी कहा कि जेल आम क़ैदियों के लिए थी और जितने लोगों को बाद में वहाँ रखा गया वह उतने लोगों के लिए नहीं बनी थी. रिपोर्ट में ये बताया गया है कि रात के समय क़ैदियों को यातनाएँ दिए जाने की पूरी प्रक्रिया थी और उस समय जेल जैसे 'यातना शिविर' बन जाती थी. |
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