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'आत्महत्याएँ प्रचार का एक तरीका' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक उच्च अमरीकी अधिकारी कॉलीन ग्रेफ़ी ने कहा है कि ग्वांतानामो बे बंदीगृह में तीन क़ैदियों का आत्महत्या करना 'पीआर बढ़ाने यानि प्रचार-प्रसार करने और ध्यान खींचने का एक तरीका है'. कॉलीन ग्रेफ़ी अमरीका में सार्वजनिक कूटनीति विभाग की उप सहायक सचिव हैं. कॉलीन ग्रेफ़ी ने बीबीसी को बताया कि ये आत्महत्याएँ 'जिहाद के मकसद को आगे बढ़ाने की एक योजना' का हिस्सा हैं. बीबसी से बात में कॉलीन ग्रेफ़ी ने कहा कि जिन तीन लोगों ने आत्महत्या कॉलीन ग्रेफ़ ने कहा, "ग्वांतानामो बे कैंप में बंद क़ैदियों को वकीलों से मिलने की अनुमति थी, वे अपने परिजनों को चिट्ठी लिख सकते थे और ये समझना मुश्किल है कि इन लोगों ने अपनी स्थिति के बारे में विरोध दर्ज क्यों नहीं करवाया." लेकिन वकीलों का कहना है कि जिन लोगों ने आत्महत्या की उन्होंने हताश होकर ऐसा किया. आत्महत्याओं की इस घटना की सैन्य जाँच चल रही है. अमरीकी सेना के एक बयान के अनुसार आत्महत्या करने वाले दो क़ैदी सऊदी अरब के नागरिक हैं जबकि एक यमन का है. दोनों क़ैदी कैंप नंबर एक के अलग अलग जेलों में थे. बंदीगृह चलाने वाले संयुक्त टास्क फोर्स ने बयान में कहा है कि मेडिकल टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तीनों क़ैदियों की जांच की गई लेकिन डॉक्टरों ने सारे प्रयासों के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. नाकाम कोशिशें ग्वांतानामो बे के क़ैदी लगातार आत्महत्या करने की कोशिश करते रहे हैं लेकिन ऐसा पहली बार है जब आत्महत्या की कोशिश सफल हुई है. पिछले चार साल में 25 क़ैदियों ने 41 बार आत्महत्या करने की कोशिश की है. हूमन राइट्स वाच संगठन के प्रमुख केन रॉथ ने बीबीसी से कहा कि तीनों क़ैदियों ने शायद हताश होकर आत्महत्या की. केन रॉथ ने कहा कि क़ैदियों को अवैध तरीके से रखा गया है इसीलिए ये लोग हताश हो रहे हैं. लेकिन ग्वांतानामो शिविर के कमांडर रेयर एडमिरल हैरी हैरिस ने कहा कि वे नहीं मानते कि इन लोगों ने हताश होकर आत्महत्या की. रेयर एडमिरल हैरी हैरिस का कहना था, "ये अपने लक्ष्य के बारे में प्रतिबद्ध लोग हैं. इनके लिए जिंदगी की कोई अहमियत नहीं - फिर वह चाहे इनकी अपनी हो या फिर हमारी. ये निराश होकर उठाया गया कदम नहीं है बल्कि जिस किसी भी तरीके से हमारे ख़िलाफ़ की गई युद्ध की कार्रवाई है." अमरीका पर लगातार दबाव पड़ता रहा है कि वो ग्वांतानामो बे बंद करे. ब्रिटेन की संवैधानिक मामलों के मंत्री हैरियट हरमन ने कहा है कि ये शिविर वैध है और यहाँ कुछ भी ग़लत नहीं हो रहा है. शुक्रवार को अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा था कि वे ग्वांतानामो बे शिविर को 'बंद करना' चाहेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'आत्महत्या युद्ध की कार्रवाई'10 जून, 2006 | पहला पन्ना ग्वांतानामो के क़ैदियों के नाम सार्वजनिक20 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना प्रताड़ना पर अमरीका से सवाल-जवाब05 मई, 2006 | पहला पन्ना पाँच क़ैदी ग्वांतानामो से रिहा06 मई, 2006 | पहला पन्ना 'ग्वांतानामो' बंद करने को तैयार बुश07 मई, 2006 | पहला पन्ना ब्रिटेन ने 'ग्वांतानामो' बंद करने को कहा10 मई, 2006 | पहला पन्ना ग्वांतनामो में बंदियों का गार्डों पर हमला19 मई, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका ग्वांतानामो बे शिविर बंद करे'19 मई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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