|
'अमरीका ग्वांतानामो बे शिविर बंद करे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका को ग्वांतानामो बे शिविर और ‘आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई’ के सिलसिले में चलाए जा रहे गुप्त बंदीगृह बंद कर देने चाहिए. प्रताड़ना के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र की समिति ने कहा है कि इस तरह की स्थितियाँ में लोगों को बंदी बना कर रखना अत्याचार के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र संधि का उल्लंघन है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में अमरीका से कहा गया है कि उसकी सेना द्वारा कै़दियों को प्रताड़ित किए जाने को लेकर वो क़दम उठाए. अमरीका के रवैये को लेकर 10 विशेषज्ञों ने मई की शुरुआत में सुनवाई की थी जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट आई है. ये सुनवाई अमरीकी अधिकारियों से की गई थी. 11 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका को किसी व्यक्ति को ग्वांतानामो बे में नहीं रखना चाहिए और इस शिविर को बंद कर देना चाहिए. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अमरीका किसी गुप्त बंदीगृह में क़ैदियों को न रखे. रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका को गुप्त बंदीगृहों के बारे में छानबीन करनी चाहिए और इनके बारे में बताना चाहिए. और ये भी बताना चाहिए कि किस अधिकार के तहत इन बंदीगृहों को शुरू किया गया है और क़ैदियों के साथ कैसा बर्ताव होता है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में अमरीका से ये आह्वान भी किया गया है कि वो पूछताछ के ऐसे किसी तरीके को बंद कर दे जिसमें प्रताड़ना का इस्तेमाल होता हो जैसे कि क़ैदियों को डराने के लिए कुत्तों का इस्तेमाल. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रिटेन ने 'ग्वांतानामो' बंद करने को कहा10 मई, 2006 | पहला पन्ना 'ग्वांतानामो' बंद करने को तैयार बुश07 मई, 2006 | पहला पन्ना पाँच क़ैदी ग्वांतानामो से रिहा06 मई, 2006 | पहला पन्ना प्रताड़ना पर अमरीका से सवाल-जवाब05 मई, 2006 | पहला पन्ना ग्वांतानामो के क़ैदियों के नाम सार्वजनिक20 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अन्नान ने की शिविर बंद करने की माँग17 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||