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शुक्रवार, 19 मई, 2006 को 17:35 GMT तक के समाचार
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ग्वांतनामो में बंदियों का गार्डों पर हमला
ग्वांतनामो बे शिविर में बंदी
संयुक्त राष्ट्र समिति ने अमरीका से ग्वांतानामो बे बंद करने के लिए कहा है
क्यूबा के ग्वांतनामो बे शिविर में अमरीकी बंदीगृह में बंदियों और गार्डों के बीच उस समय झड़पें हुईं हैं जब गार्डों ने एक बंदी को आत्महत्या करने से रोकने की कोशिश की.

अमरीकी सेना ने कहा है कि कुछ बंदियों ने गार्डों पर ऐसे हथियारों से हमला किया जो पंखों और हल्की चीज़ों से बनाए गए थे लेकिन उस अव्यवस्था को न्यूनतम बलप्रयोग करके दूर कर दिया गया.

इससे पहले तीन बंदियों ने कुछ दवाओं का इस्तेमाल करके ख़ुद को मारने की कोशिश की.

गुरूवार को हुई इस घटना का विवरण संयुक्त राष्ट्र के उस आग्रह के बाद आया जिसमें अमरीका से ग्वांतनामो बे शिविर में बंदीगृह को बंद करने को कहा गया था.

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता एडम ब्रुक्स का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि ग्वांतनामो बे शिविर के बंदीगृह से इस तरह की घटना का विवरण सार्वजनिक हुआ है जिसमें एक से ज़्यादा बंदी शामिल थे हालाँकि बंदी व्यक्तिगत रूप से गार्डों से ज़ोरआज़माइश ज़रूर करते रहे हैं.

अमरीकी सैन्य प्रवक्ता कमोडोर रॉबर्ट डूरंड का कहना है कि गार्डों ने कैंप नंबर चार में एक बंदी के आत्महत्या करने के प्रयास को नाकाम करने की कोशिश की.

इस कैंप में बंदियों को अच्छा बर्ताव करने के बदले कुछ रियायतें दी जाती हैं जिनमें घूमने-फिरने की भी कुछ आज़ादी होती है.

रॉबर्ट डूरंड ने कहा, "इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए न्यूनतम बलप्रयोग किया गया और आत्महत्या की कोशिश को भी नाकाम कर दिया गया."

अमरीकी सेना ने कहा है कि ग्वांतनामो बे शिविर के बंदीगृहों में 2002 से आत्महत्या के 39 प्रयास हो चुके हैं और बंदियों की भूख हड़ताल तो सामान्य सी बात हो गई है.

ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका को ग्वांतानामो बे शिविर और ‘आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई’ के सिलसिले में चलाए जा रहे गुप्त बंदीगृह बंद कर देने चाहिए.

प्रताड़ना के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र की समिति ने कहा कि इस तरह की स्थितियाँ में लोगों को बंदी बना कर रखना प्रताड़ना के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र संधि का उल्लंघन है.

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