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अमरीका को ईरान की पेशकश पर संदेह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने ईरान की इराक़ की स्थिति के बारे में बातचीत करने की पेशकश पर संदेह व्यक्त किया है. अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफेन हैडले ने कहा कि यह ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर जो दबाव पड़ रहा है, उसको हटाने का एक तरीका हो सकता है. उनका कहना था कि अमरीका ने ईरान से पिछली साल बातचीत का प्रस्ताव रखा था लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ ही दिनों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चर्चा होनी है, उसके ठीक पहले ईरान की इराक़ पर बातचीत की पहल संदेह पैदा करती है. अमरीका ने इराक़ में अपने राजदूत ज़ल्मे ख़लीलजाद को ईरान के साथ बातचीत के लिए अधिकृत किया है. उनका कहना है कि बातचीत की तिथियों के बारे में अभी चर्चा चल रही है. इधर अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संबंध में सहमति के काफ़ी क़रीब है. ब्रिटेन और फ़्रांस चाहते हैं कि ईरान से परमाणु संवर्धन संबंधी गतिविधियाँ फ़िलहाल रोकने के लिए कहा जाए और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को इस पर दो हफ़्ते में रिपोर्ट देने को कहा जाए. लेकिन चीन चाहता है कि ईरान को और थोड़ा और समय दिया जाए. ईरान की पहल अमरीका और ईरान के अधिकारियों के बीच 1979 के बाद से किसी तरह का कोई संवाद नहीं है. 1979 में तेहरान में बंधक संकट के बाद से अमरीका और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंध समाप्त हो गए थे. ईरान के परमाणु वार्ताकार अली लारिजानी ने कहा है कि ईरान सरकार इराक़ मुद्दे के हल के लिए अमरीका के साथ बातचीत करना चाहती है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वह इसलिए बातचीत के लिए तैयार हो गया है क्योंकि ये आग्रह एक वरिष्ठ इराक़ी शिया राजनेता अब्दुल अज़ीज़ हकीम की ओर से आया है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमरीका बार-बार ईरान पर इराक़ में चरमपंथियों की सहायता करने का आरोप लगाता रहा है. दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पिछले सप्ताह ईरान के मुद्दे को सुरक्षा परिषद में भेजने का फ़ैसला किया. | इससे जुड़ी ख़बरें पहले हमला करने की नीति जारी रहेगी16 मार्च, 2006 | पहला पन्ना बुश ने ईरान को आड़े हाथों लिया14 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान अब भी रूस से बातचीत को तैयार'12 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान गंभीर चिंता है:बुश11 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर अमरीका की चेतावनी10 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ईरान पर दबाव के पक्ष में09 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान से सबसे अधिक ख़तरा हैःराइस09 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान विवाद अब सुरक्षा परिषद में 08 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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