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ईरान विवाद अब सुरक्षा परिषद में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम विवाद को सुरक्षा परिषद को सौंपने का फ़ैसला किया है. संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत ग्रेगरी शुल्ट ने कहा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी का विश्वास प्राप्त करने के बजाय यूरेनियम संवर्धन का रास्ता अपनाया है. उनका कहना है कि ईरान के भड़काउ बयान उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अलग थलग ही करेंगे. ईरान की प्रतिक्रियाएँ अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी के ताज़ा फ़ैसले से पहले ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र चाहे जो कार्रवाई करे ईरान अपना विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा. अमरीका संयुक्त राष्ट्र पर दबाव डाल रहा है कि वो ईरान को स्पष्ट करे कि उसे परमाणु कार्यक्रम जारी रखने के बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे. इस विषय में ईरान ने कड़ी टिप्पणी करते हुए चेतावनी दी है कि 'मौजूदा रवैया जारी रखने से अमरीका को नुकसान पहुँच सकता है, और अगर वो यही रास्ता अपनाना चाहता है तो ठीक है.' ईरान के परमाणु विवाद पर सुरक्षा परिषद में अगले हफ़्ते बहस शुरु हो सकती है. सुरक्षा परिषद के पास ईरान पर प्रतिबंध लगाने के अधिकार हैं मगर यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उसके सभी सदस्य इस बात पर राज़ी होंगे. ईरान परमाणु तकनीक हासिल करने के अपने अधिकार पर अड़ा हुआ है. ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा है कि ईरान दबाव में नहीं आएगा. अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी में ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार जावद वैदी ने संकेत दिए हैं कि ईरान तेल उत्पादन में कटौती के विकल्प पर सोच सकता है मगर उन्होंने कहा फ़िलहाल वो ऐसा नहीं कर रहा है. ईरान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल निर्यातक है और उसकी अर्थव्यवस्था काफ़ी हद तक तेल पर निर्भर है. प्रस्ताव नामंज़ूर अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी के अध्यक्ष मोहम्मद अल बारादेई ने बुधवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें उन्होंने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा. उनकी इस रिपोर्ट के बाद ईरान से काफ़ी प्रतिक्रियाएँ आई हैं. इस विवाद को सुरक्षा परिषद में ले जाए जाने से बचने के लिए पिछले हफ़्ते ईरान ने प्रस्ताव रखा था कि उसे अनुसंधान के लिए छोटे पैमाने पर यूरेनियम संवर्धन की इजाज़त दी जाए. ईरान का कहना था कि ऐसी सूरत में वो अपनी उर्जा की ज़रूरतों के लिए परमाणु ईँधन रूस से आयात करेगा. मगर रूस ने ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अमरीका भी ईरान को यूरेनियम संवर्धन की इजाज़त नही देना चाहता. अमरीका और यूरोपीय संघ का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है जब कि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम उसकी उर्जा की ज़रूरतें पूरी करने के लिए है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान पर बैठक बिना नतीजे के ख़त्म03 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने कहा, दबाव में नहीं आएंगे05 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर आईएईए की महत्वपूर्ण बैठक06 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'आईएईए ईरान को मुआवज़ा दे'07 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर बारादेई की रिपोर्ट आज08 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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