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रविवार, 05 मार्च, 2006 को 17:45 GMT तक के समाचार
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ईरान ने कहा, दबाव में नहीं आएंगे
अली लरीजानी
लरीजानी ने तेहरान में कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ किसी कार्रवाई से तेल की क़ीमतों पर असर पड़ सकता है
ईरान ने कहा है कि अगर उसके परमाणु कार्यक्रम मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजा जाता है तो वह यूरेनियम संवर्धन का कार्यक्रम उद्योग स्तर पर आगे बढ़ा सकता है.

ईरान के परमाणु वार्ताकार अली लरीजानी ने कहा है कि "अगर अमरीका और उसके सहयोगी देश ताक़त का इस्तेमाल करने का रास्ता अपनाते हैं तो ईरान अपने ख़ुद के रास्ते पर चलेगा."

ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा एजेंसी की सोमवार को वियेना में बैठक होने वाली है जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में एजेंसी एक अध्यक्ष मोहम्मद अल बारादेई की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा.

इस बीच ईरान के परमाणु तकनीक हासिल करने के अधिकार को समर्थन जताने के लिए राजधानी तेहरान में एक रैली निकाली गई जिसमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया.

पश्चिमी देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है और यूरेनियम संवर्धन उसके लिए ज़रूरी और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जबकि ईरान का कहना है कि वह अपनी असैनिक ऊर्जा ज़रूरतों के लिए परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाना चाहता है.

ईरान के परमाणु वार्ताकार अली लरीजानी ने रविवार को तेहरान में एक पत्रकार सम्मेलन में कहा, "अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम रजिस्टर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजा जाता है तो यूरेनियम संवर्धन का कार्यक्रम बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया जाएगा."

अली लरीजानी ने कहा, "अगर अमरीका और उसके सहयोगी देश ताक़त का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो हम अपने रास्ते पर चलेंगे."

उन्होंने कहा, "यह मामला सुरक्षा परिषद में पहुँचने का मतलब यह नहीं होगा कि ईरान अपने शोध और विकास कार्यक्रमों में पीछे की तरफ़ जाए."

तेल की क़ीमतें

अली लरीजानी ने कहा कि ईरान तेल की क़ीमतों को पश्चिमी देशों के ख़िलाफ़ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का इच्छुक नहीं है लेकिन अगर ईरान के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई की गई तो इससे वैसे भी तेल की अंतरराष्ट्रीय क़ीमतों पर असर पड़ेगा.

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की बैठक होने वाली है जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अल बारादेई की रिपोर्ट पर विचार होगा.

इस रिपोर्ट का एक हिस्सा बीते सप्ताह मीडिया को लीक हो गया था जिसमें कहा गया था कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का प्राथमिक स्तर का काम शुरू कर दिया है और इस प्रक्रिया का इस्तेमाल परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन बनाने या फिर बम की सामग्री बनाने के लिए भी हो सकता है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम की बहुत सख़्त निगरानी करवाने से इनकार कर दिया जोकि परमाणु अप्रसार संधि के सदस्य देशों की ज़िम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है.

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