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ईरान मामले में आगे क्या होगा? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने ईरान के परमाणु मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से शिकायत करने का फ़ैसला किया है. इसके बाद कई सवाल उठ खड़े हुए हैं. अगर ईरान आईएईए की सभी माँगों को मान लेता है तो क्या होगा? अगर ऐसा हुआ तो सुरक्षा परिषद के लिए ईरान के खिलाफ कार्रवाई करना बहुत मुश्किल हो जाएगा. शायद यही वजह है कि पिछले दिनों, ईरान बाहरी दुनिया को अपने परमाणु ठिकानों की जाँच पड़ताल का अधिकार देने और इससे जुड़े गुप्त दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने जैसी बातों की पहल करता रहा है. लेकिन अगर ईरान नहीं झुका तो सुरक्षा परिषद के सामने क्या विकल्प हैं? सुरक्षा परिषद ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़ा खतरा करार दे सकता है और ईरान के तेल उद्योग को किसी तरह की अंतरराष्ट्रीय सहायता दिए जाने पर प्रतिबंध लगा सकता है. लेकिन इस समय सबसे अधिक संभावना इस बात की लगती है कि सुरक्षा परिषद ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगा सकता है. ऐसा भी हो सकता है कि ईरान को आगे बातचीत में शामिल होने का न्योता भी दिया जाए. पश्चिमी देश इतने चिंतित क्यों हैं? दरअसल, उन्हें डर है कि ईरान या तो चुपके से परमाणु बम बनाना चाहता है या फिर भविष्य में ऐसा करने के लिए परमाणु तकनीक हासिल करने की कोशिश कर रहा है इसीलिए ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने पर इतना ज़ोर है. उनका दावा है कि ईरान पर विश्वास नहीं किया जा सकता. हाल ही में ईरान ने माना था कि उसे बिना माँगे ही, पाकिस्तानी परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर खान से परमाणु हथियार बनाने संबंधी कुछ दस्तावेज़ मिले थे. इसका पता चलने के बाद, ईरान की नीयत पर फिर सवालिया निशान लग गया है. ईरान का कहना है कि जब उसे यूरेनियम संवर्धन की अनुमति दी गई है, तो इस संकट की क्या वजह है? आएईए के निरीक्षण के समझौते के तहत, ईरान को परमाणु ऊर्जा बनाने के लिए पूरा ईंधन चक्र चलाने का अधिकार दिया गया है. लेकिन अब एजेंसी का कहना है कि क्योंकि ईरान ने अपने संवर्धन कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं दी थी, इसलिए अब उस पर पूरी तरह से विश्वास कर पाना मुश्किल हो गया है. चिंता इस बात को लेकर जताई जा रही है कि ईरान परमाणु ऊर्जा बनाने की जानकारी जुटाने के बाद, परमाणु अप्रसार संधि को दरकिनार करके परमाणु बम बना सकता है. ईरान को परमाणु बम बनाने में कितना समय लगेगा? जानकारों का कहना है कि ईरान को परमाणु बम बनाने में अभी कई साल लग सकते हैं. पहले तो उसे कच्चे यूरेनियम से ईंधन बनाने के काम में निपुणता हासिल करनी होगी जो एक बहुत जटिल प्रक्रिया है. इसमें कच्चे यूरेनियम से निकले गैस को तेज़ी से घुमाने के लिए कई खास संयंत्रों की ज़रूरत होती है. उसके बाद, उसे परमाणु धमाका कराने के तरीके की जानकारी हासिल करनी होगी. ये सब करने के बाद ईरान को वो छोटा और हल्का उपकरण बनाना होगा, जिसे विमान या मिसाइल पर ले जाया जा सके. अमरीका के निकट सहयोगी इसराइल को चिंता है कि ईरान एक साल के अंदर ये सारी जानकारी हासिल कर सकता है, और फिर उस पर नियंत्रण कर पाना असंभव हो जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान पर बातचीत में नतीजा नहीं30 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान मुद्दे पर स्ट्रॉ-बारादेई में बातचीत28 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने ईरान पर दबाव बढ़ाया27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरानी वार्ताकार का चीन दौरा26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान मामले से निपटे सुरक्षा परिषद'12 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान मामले पर यूरोपीय संघ की बैठक 10 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान के 'परमाणु केंद्र' कैसे हैं?09 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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