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'ईरान मामले से निपटे सुरक्षा परिषद' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम मुद्दे से निपटे. जर्मनी के विदेश मंत्री फ़्रैंक वॉल्टर स्टीनमायर ने कहा कि ईरान और यूरोपीय देशों के बीच बातचीत में रुकावट आ गई है. इन मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी आईएईए (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) की आपात बैठक बुलाए जाने की मांग की है, जो यह मामला सुरक्षा परिषद में भेज सकता है. सुरक्षा परिषद ईरान पर प्रतिबंध लगा सकता है. दो वर्षों के बाद मंगलवार को ईरान ने अपने नतांज़ परमाणु केंद्र पर संयुक्त राष्ट्र की लगी सील को तोड़ते हुए परमाणु शोध कार्य शुरू करने की घोषणा की थी. आरोप अमरीका और यूरोपीय संघ के देशों का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है लेकिन ईरान इससे इनकार करता रहा है.
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है बड़ी शक्तियाँ बात का बतंगड़ बना रहीं हैं लेकिन ईरान इन धमकियों में नहीं आएगा. ईरान के मुद्दे को लेकर यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक बर्लिन में हुई. बैठक के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जर्मनी के विदेश मंत्री स्टीनमायर ने कहा कि ईरान के फ़ैसले से यूरोपीय संघ का भरोसा टूटा है. उन्होंने कहा कि मंगलवार को ईरान ने परमाणु संवर्धन का काम शुरू करके दो साल पहले यूरोपीय संघ के साथ शुरू हुई बातचीत तो एकतरफ़ा ठुकरा दिया है. स्टीनमायर ने कहा, "हम मानते हैं कि अब ये समय आ गया है कि सुरक्षा परिषद आईएईए के प्रस्ताव को लागू कराने में शामिल हो." लेकिन ईरान के राष्ट्रपति का कहना है कि पश्चिमी देशों की आपत्ति के बावजूद परमाणु शोध कार्यक्रम जारी रहेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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