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बुश ने ईरान को आड़े हाथों लिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ईरान पर फिर आरोप लगाया है कि वह इराक़ में चरमपंथियों को हथियार और गोला-बारूद दे रहा है. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में इराक़ में मिले कुछ ताक़तवर देसी बमों में ऐसे पुर्ज़े लगे मिले हैं जो कि निश्चय ही ईरान में निर्मित हैं. बुश ने कहा, "तेहरान का इराक़ में गठजोड़ बलों पर हमले की तीव्रता बढ़ाने में कुछ-न-कुछ योगदान तो ज़रूर ही है. वह शिया चरमपंथियों को ताक़तवर बम बनाने में सहायता दे रहा है. सुरक्षा बलों ने ऐसे देसी बम और गोला-बारूद बरामद किए हैं जो कि निसंदेह ईरान निर्मित हैं." अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि इराक़ी चरमपंथियों और आतंकवाद को सहायता देकर और परमाणु हथियार बनाने की कोशिश जारी रख कर ईरान ख़ुद को अलग-थलग करता जा रहा है. 'व्यापक रणनीति' जॉर्ज वाशिंग्टन विश्वविद्याय में अपने भाषण में बुश ने स्वीकार किया कि इराक़ में स्थिति अब भी तनावपूर्ण है. हालाँकि उन्होंने कहा कि स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण के लिए अमरीका एक व्यापक योजना पर काम कर रहा है. इस संबंध में उन्होंने इराक़ के स्थानीय सुरक्षा बलों को दिए जा रहे अमरीकी प्रशिक्षण का ज़िक्र किया. बुश ने कहा कि इस साल के अंत तक इराक़ के ज़्यादातर हिस्से पर स्थानीय सुरक्षा बलों का नियंत्रण होगा. इधर ब्रितानी विदेश मंत्रि जैक स्ट्रॉ ने ईरान की आलोचना करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति अहमदी नेजाद की नीतियों से ईरान की छवि पर वास्तविक ख़तरा बन गया है. उन्होंने कहा कि ईरान की जनता को जागरूक बनाया जाना चाहिए ताकि वो जान सकें कि उनकी सरकार ग़लत रास्ते पर चल रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान गंभीर चिंता है:बुश11 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान से सबसे अधिक ख़तरा हैःराइस09 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान विवाद अब सुरक्षा परिषद में 08 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं'06 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने कहा, दबाव में नहीं आएंगे05 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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