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कुवैत के अमीर को संसद ने हटाया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कुवैत की संसद ने ख़राब स्वास्थ्य के आधार पर देश के नए अमीर को पद से हटा दिया है. यह पहला मौक़ा है जब एक खाड़ी के शासक को संवैधानिक तरीक़े से हटाया गया है. दस दिन पहले अपने चचेरे भाई और पूर्व अमीर शेख़ जाबेर की मृत्यु के बाद शेख़ साद अमीर बने थे. लेकिन उसी समय से कुवैत में नेतृत्व संकट पैदा हो गया था. इससे पहले सरकारी अधिकारियों ने कहा था कि अमीर पद छोड़ने के लिए सहमत हो गए हैं. लेकिन सांसदों को इस बारे में उनकी ओर से कोई पत्र नहीं मिला. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री शेख़ सबा अल अहमद नए अमीर बनेंगे. वे शेख़ साद के रिश्तेदार हैं. कुवैत में शेख़ साद की छवि काफ़ी लोकप्रिय है. हालाँकि ख़राब स्वास्थ्य के कारण उनका सार्वजनिक जीवन प्रभावित रहा. वे अपने चचेरे भाई और पूर्व अमीर शेख़ जाबेर की मृत्यु के दौरान शोक सभा में हिस्सा लेने के लिए ही सामने आए थे. वो भी व्हील चेयर पर. शेख़ सबा कई वर्षों से देश के प्रधानमंत्री हैं. और सबा परिवार में से उन्हें नए अमीर पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना जा रहा है. इससे पहले एक सरकारी अधिकारी ने कहा था कि शेख़ साद ने देशहित में बिना शर्त अमीर का पद छोड़ने का फ़ैसला किया है. सभी सांसदों ने इस फ़ैसले का स्वागत किया था और कहा था कि वे सबा परिवार के बीच विवाद में किसी का पक्ष नहीं लेना चाहते. संवैधानिक पहलू संसद में इस मुद्दे पर बहस कई बार स्थगित की गई ताकि शेख़ साद को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए समय दिया जा सके.
संवैधानिक रूप से कुवैत की संसद एक अमीर को ख़राब स्वास्थ्य के आधार पर पद से हटा सकती है. लेकिन संसद कैबिनेट की सलाह पर ही इस पर मतदान कर सकती है और इसे मंज़ूरी मिलने के लिए दो तिहाई मतों की आवश्यकता है. सोमवार को कैबिनेट ने संसद को एक पत्र में कहा था कि अमीर अपने ख़राब स्वास्थ्य के कारण अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वाह नहीं कर सकते. लेकिन इसके तुरंत हाद अमीर की ओर से बयान आया कि वे संसद की बैठक से पहले पद की शपथ लेना चाहते हैं लेकिन संसद ने इसे नामंज़ूर कर दिया. सबा वंश में जो परंपरा है उसके मुताबिक़ अमीर का पद जाबेर और सलेम परिवार को बारी-बारी से मिलेगा. जाबेर परिवार से जुड़े हैं शेख़ सबा और उनके पहले के अमीर. जबकि सलेम परिवार से जुड़े हैं शेख़ साद. लेकिन अमीर के पद को लेकर दोनों परिवारों में सार्वजनिक रूप से चल रहे संघर्ष ने कुवैत की जनता को चकित कर दिया था. शेख़ साद आधुनिक कुवैत के संस्थापक शेख़ अब्दुल्ला अल सलेम के बेटे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें कुवैत में छह चरमपंथियों को मृत्युदंड27 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना पहली बार कुवैती महिलाएँ नगर परिषद में05 जून, 2005 | पहला पन्ना कुवैती महिलाओं को राजनीतिक अधिकार16 मई, 2005 | पहला पन्ना अपने ही देश के दूतावास पर हमला24 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना कुवैती महिलाओं का ज़ोरदार प्रदर्शन07 मार्च, 2005 | पहला पन्ना कुवैत में सैनिकों की गिरफ्तारी 03 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम को समर्थन के लिए माफ़ी माँगी12 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना कुवैत के नए प्रधानमंत्री14 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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