| कुवैती महिलाओं का ज़ोरदार प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सैकड़ों कुवैती महिलाओं ने देश की संसद के बाहर प्रदर्शन किया है. उनकी माँग है कि कुवैत में स्त्रियों को मतदान का अधिकार दिया जाए. ये प्रदर्शन उस समय हुआ जब संसद में महिलाओं को पूरे राजनीतिक अधिकार दिए जाने पर चर्चा चल रही थी. अनेक प्रदर्शनकारियों ने हिजाब पहना हुआ था और फिर उनमें से कुछ को संसद के अंदर ले जाया गया. ऐसा इसलिए किया गया कि वे ख़ुद सुन सकें कि सरकार सदस्यों को इस विषय में विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए किस तरह तेज़ी से काम करने की अपील कर रही है. अधिकतर इस्लामी राजनीतिक नेता सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं. उधर स्त्रियों को मतदान का अधिकार दिए जाने के पक्षधर कहते हैं कि ये प्रस्ताव इस्लामी क़ानून के ख़िलाफ़ नहीं है. उनका कहना है कि कुवैत का संविधान भी ख़ाड़ी देशों - कतर, बाहरीन, ओमान की तरह कुवैत कि संसद में हाल के वर्षों में ऐसे ही दो प्रस्ताव पारित नहीं हो पाए थे. |
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