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दारफ़ुर पर अन्नान के प्रस्ताव का समर्थन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ्रीकी संघ ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने सूडान के दारफ़ुर क्षेत्र में शांति रक्षा की ज़िम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र से लेने को कहा है. ग़ौरतलब है कि सूडान सरकार ऐसे प्रस्ताव का विरोध कर रही है. वह चाहती है कि अफ्रीकी संघ की सात हज़ार सैनिकों वाली शांति सेना दारफ़ुर क्षेत्र में मौजूद रहे. दारफ़ुर क्षेत्र में हत्याएँ और बलात्कार के मामले लगातार हो रहे बताए जाते हैं. अफ्रीकी संघ के उपाध्यक्ष पैट्रिक मैज़िम्फाका ने बीबीसी से कहा कि सूडान के अधिकारी यह तय नहीं कर सकते कि लगातार चल रहे संघर्ष को रोकने के लिए संघ को क्या करना चाहिए क्योंकि ख़ुद सूडान सरकार ने संघ से मदद माँगी थी. बीबीसी के अफ्रीका मामलों के संपादक का कहना है कि अफ्रीकी नेता अगर मैज़िम्फाका के प्रस्ताव को समर्थन देते हैं तो यह अफ्रीकी संघ के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का समय होगा. अफ्रीकी संघ अभी तक अपने किसी सदस्य देश के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने से बचता रहा है. कोफ़ी अन्नान ने गुरूवार को पेशकश की थी कि दारफ़ुर में अंतरराष्ट्रीय शांति सेना तैनात की जानी चाहिए जिसके पास अत्याधुनिक हथियार होने के साथ-साथ वायु सेना का समर्थन भी हासिल हो. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इसी सप्ताह बताया गया था कि दारफ़ुर में मौजूदा शांति रणनीति नाकाम साबित हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें सूडान में हिंसा का दौर जारी03 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना अमरीका ने सूडान में शांति दूत भेजे02 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना सूडान में गरांग गुट ने नया नेता चुना01 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना 'सशस्त्र संघर्ष में बच्चों का शोषण'27 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना दारफ़ुर में बड़े अपराधों के सबूत 30 जून, 2005 | पहला पन्ना 'दारफ़ुर में सैनिकों का अत्याचार'01 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना मानवाधिकारों की अनदेखी की अमरीका ने14 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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