| सूडान में हिंसा का दौर जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सूडान के राष्ट्रपति उमर अल बशीर ने उपराष्ट्रपति और दक्षिणी सूडानी नेता जॉन गरांग की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मौत के मामले की जाँच के आदेश दिए हैं. इस बीच उप राष्ट्रपति जॉन गरांग की मौत के बाद राजधानी ख़ार्तूम में विभन्न गुटों के बीच आपसी झड़पें हो रही हैं और अब तक की हिंसा में 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस ने कहा है कि उसने 84 शव देखे हैं. बुधवार को दिन में उत्तरी सूडान के लोगों ने दक्षिणी हिस्से के लोगों पर हमला किया जो ख़ार्तूम के बाहरी इलाक़ों में रहते है. दक्षिणी क़स्बे जयूबा से भी हिंसा की ख़बरें मिली हैं जहाँ उत्तरी सूडान से आकर रहने वालों लोगों पर हमला किया गया है. हथियार बंद लोगों के गुट ख़ुले आम घूम रहे हैं. लोग शहर छोड़कर जा रहे हैं जिसकी वजह से कई जगह जाम लगा हुआ है. सुरक्षा बलों ने दोनों गुटों को अलग करने की कोशिश की लेकिन दक्षिणी सूडान के लोगों ने उनपर उत्तरी सूडान के लोगों का पक्ष लेने का आरोप लगाया है. ख़ारतूम में सैनिक हैलीकप्टर के ज़रिए नज़र रखी जा रही है और कई जगह आँसू गैस का इस्तेमाल भी किया गया है. जाँच कमेटी राष्ट्रपति उमर अल बशीर ने जॉन गरांग के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण पता लगाने के लिए एक संयुक्त कमेटी बनाने की घोषणा भी की है.
वहीं जॉन गरांग के उत्तराधिकारी सालवा कीर ने शांति की अपील की है. अमरीकी दूत आज सालवा कीर से मिल रहें हैं. सालवा कीर ने बीबीसी को बताया कि वो शांति प्रकिया के प्रति वचनबद्ध हैं. शांति प्रकिया के सिलसिले में अमरीकी दूत राष्ट्रपति बशीर और दूसरे सूडानी नेताओं से भी मिलेंगे. संयुक्त राष्ट्र के दूत का कहना है कि लोगों के पास ये मानने की कोई वजह नहीं है कि गरांग की मौत दुर्घटना में नहीं हुई. उन्होंने कहा कि कई नेता और इमाम ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान दे रहे हैं. अंतिम संस्कार सूडान में पिछले 21 सालों से चले आ रहे गृह युद्ध को ख़त्म करने के लिए जॉन गरांग ने जनवरी में शांति समझौता किया था. तीन हफ़ते पहले ही उन्हें उप राष्ट्रपति बनाया गया था. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ जॉन गरांग के प्रतिद्वंद्वी पॉलिनो मातीप की मौत की अफ़वाहों के बाद तनाव बढ़ गया है हालाँकि सरकार इससे इनकार कर रही है. जॉन गरांग का अंतिम संस्कार शनिवार को जयूबा में होगा. सरकारी मीडिया के मुताबिक़ राष्ट्रपति बशीर अंतिम संस्कार में हिस्सा लेंगे. इससे पहले उनके शव को दक्षिणी सूडान के दूसरे इलाक़ों में ले जाया जाएगा ताकि लोग उन्हें अपनी श्रद्धांजिल दे सकें. |
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