BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 01 अगस्त, 2005 को 07:26 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सूडान में गरांग गुट ने नया नेता चुना
ख़ारतूम में दंगों का दृश्य
ख़ारतूम में दंगों ऱोकने के लिए पुलिस को कर्फ़्यू लगाना पड़ा
सूडान के उप राष्ट्रपति जॉन गरांग की मौत के बाद उनके गुट एसपीएलएम ने संगठन के उप नेता सालवा कीर को गरांग का उत्तराधिकारी नियुक्त किया है.

वे राष्ट्रीय सरकार में नए उप राष्ट्रपति भी होंगे.सूडान की सरकार ने कहा है कि वो एसपीएलएम के निर्णय के मुताबिक़ चलेगी.

उधर जॉन गरांग की मौत के बाद ख़ारतूम में भड़के दंगों को रोक़ने के लिए लगा कर्फ़्यू जारी है.

ख़ारतूम में हुए इन दंगों में पुलिसकर्मियों समेत 12 लोगों की मौत हो गई है.

जॉन गरांग की मौत की ख़बर फैलते ही लोग सड़कों पर उतर आए .
कई युवकों ने दुकानों को लूटा और वाहनों को नुक़सान भी पहुँचाया .

जॉन गरांग की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

सूडान के राष्ट्रपति उमर अल बशीर ने ज़ॉन गरांग की मौत पर अफ़सोस जताया लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वे शांति प्रक्रिया जारी रखेंगे.

तीन सप्ताह पहले ही जॉन गरांग को उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई थी. उस समय लाखों लोगों ने एक शांति समर्थक के रूप में उनका स्वागत किया था.

दशकों तक चले गृह युद्ध के बाद हुए समझौते के तहत ही पूर्व विद्रोही नेता गरांग को उप राष्ट्रपति बनाया गया था.

नेतृत्व

उत्तर में सरकार के ख़िलाफ़ 21 साल तक चले ख़ूनी संघर्ष में गरांग ने ही इस गुट का नेतृत्व किया था. गरांग को रुख़ काफ़ी कठोर था और जो भी उनके रास्ते में आया वो या तो मारा गया या उसे क़ैद कर लिया गया.

लेकिन उनकी ख़ासियत ये थी कि मतभेदों के बावजूद वे उत्तर के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन को एक साथ रख पाए.

इस साल जनवरी में शांति समझौते पर दस्तख़त के साथ ही सूडान में संघर्ष ख़त्म हुआ था. नेशनल यूनिटी की नयी सरकार में गरांग को उप राष्ट्रपति बनाया गया.

शांति समझौते को बड़ी जीत की संज्ञा देते हुए गरांग ने कहा था कि अब जाकर दक्षिण के लोगों का सम्मान हुआ है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि गरांग की मौत के बाद एक बार फिर सूडान में शांति समझौते के भविष्य पर सवाल उठेंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>