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21 जुलाई धमाकों में गिरफ़्तारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में 21 जुलाई 2005 को नाकाम धमाकों की जाँच कर रही पुलिस ने एक व्यक्ति आदिल याहया पर उन हमलों की साज़िश रचने के आरोप तय किए हैं. 23 वर्षीय आदिल याहया को लंदन के गैटविक हवाई अड्डे पर मंगलवार को उस समय गिरफ़्तार किया गया था जब वह इथियोपियाई शहर अदीस अबाबा से वहाँ पहुँचे थे. याहया लंदन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले हैं और एक छात्र हैं. पुलिस ने गुरूवार को याहया से पूछताछ के लिए समयावधि बढ़ाने के बाद उन्हें गिरफ़्तार किया. याहया को आतंकवाद निरोधी पुलिस ने आतंकवाद अधिनियम 2000 के तहत गिरफ़्तार किया. स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने कहा कि उनका मानना है कि आदिल याहया जून से ब्रिटेन से बाहर रहे हैं. उन्हें हुसैन उसमान, इब्राहीम मुख़्तार सईद, मनफ़ो ग्वाकू असीदू और यासीन हसन उमर के साथ साज़िश में शामिल होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. याहया के आलावा बाक़ी चारों लोगों पर पहले ही आरोप निर्धारित किए जा चुके हैं. 21 जुलाई के नाकाम धमाकों की साज़िश में शामिल होने के आरोप में पहले ही पाँच लोगों के गिरफ़्तार किया जा चुका है. इनके अलावा दस अन्य लोगों पर धमाकों के संदिग्ध लोगों के बारे में सूचना नहीं देने के आरोप में पकड़ा गया है. उन पर ये भी आरोप हैं कि उन्होंने संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तारी से बचने में मदद की. आतंकवाद अधिनियम के तहत दर्जनों अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई लेकिन उन्हें बिना कोई आरोप लगाए छोड़ दिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें पुलिस ने सात लोगों को गिरफ़्तार किया31 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना ब्राज़ीली युवक का अंतिम संस्कार30 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना 'सभी संदिग्ध हमलावर गिरफ़्त में आए'29 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना लंदन में नौ और गिरफ़्तारियाँ28 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना लंदन नाकाम विस्फोट का 'हमलावर' गिरफ़्तार27 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना बर्मिंघम में छापे और गिरफ़्तारियाँ27 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना 'लंदन हमलों के लिए इराक़ कारण नहीं'27 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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