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पुलिस ने सात लोगों को गिरफ़्तार किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में 21 जुलाई को विस्फोट करने की विफल कोशिश के सिलसिले में पुलिस ने एक महिला समेत सात लोगों को गिरफ़्तार किया है. स्टॉकलैंड यार्ड के मुताबिक़ ससेक्स में मारे गए इस छापे में सशस्त्र सुरक्षा बल का उपयोग नहीं किया. गिरफ़्तार किए गए लोगों को आंतकवाद निरोधक क़ानून के तहत पकड़ा गया है. इन लोगों से ब्राइटन के एक पुलिस स्टेशन में पूछताछ की जा रही है. इस गिरफ़्तारी के बाद पकड़े गए लोगों की संख्या 19 हो गई है. इसमें चार संदिग्ध हमलावर भी शामिल हैं. जिन जगहों पर छापे मारे गए वहाँ तलाशी अभियान जारी है. अब पुलिस उन लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रही है जिन्होंने 7 जुलाई के धमाकों और 21 जुलाई के विफल धमाकों की योजना तैयार करने और आर्थिक सहायता देने में मदद की थी. अवधि बढ़ी वहीं संदिग्ध यासिन हसन उमर से पूछताछ करने के लिए पुलिस को अतिरक्ति समय दिया गया है.
यासिन हसन उमर को 27 जुलाई को पकड़ गया था और अब बुधवार तक उससे पूछताछ हो सकती है. आंतकवाद निरोधक क़ानून के तहत ब्रिटेन में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को 14 दिन तक की हिरासत में रखा जा सकता है. उधर हाउस ऑफ़ कॉमन्स के नेता ज्यॉफ़ हून ने कहा है कि मंत्री उस बात पर ग़ौर करेंगे कि एक संदिग्ध व्यक्ति ब्रिटेन से बाहर कैसे चला गया. माना जा रहा है कि इथियोपिया में जन्मे ओसमान हुसैन ने 26 जुलाई को यूरोस्टार के ज़रिए लंदन छोड़ा . इसके बाद वो पेरिस और मिलान होते हुए रोम पहुंचा. ऐसा शक़ है कि इस इथियोपियाई व्यक्ति ने लंदन के शेफर्डस बुश स्टेशन में विस्फोट करने की कोशिश की थी. यूरोस्टार के एक प्रवक्ता ने बताया कि ऐसी कोई स्थायी जगह नहीं है जहाँ ब्रितानी अधिकारी नज़र रखते हों पर जब सुरक्षा बढ़ा दी जाती है तो जाँच की जाती है. |
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