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संदिग्ध हमलावर के प्रत्यर्पण की कोशिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में बम धमाके करने की कोशिश के मामले में रोम में गिरफ़्तार किए गए एक संदिग्ध व्यक्ति के ब्रिटेन को सौंपे जाने के लिए प्रारंभिक सुनवाई हुई है. हमदी इज़ाक को पुलिस ने शुक्रवार को रोम में पकड़ा था. लंदन में शुक्रवार को पकड़े गए तीन संदिग्ध लोगों समेत कुल ग्यारह लोगों से इस सिलसिले में पूछताछ हो रही है. पुलिस का कहना है कि यूरोपीय गिरफ़्तारी वारंट के तहत इज़ाक के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जारी है. लेकिन ये नए क़ानून के तहत किया जा रहा है और इस प्रक्रिया में कई सप्ताह लग सकते हैं. इज़ाक के वकील ने संकेत दिए हैं कि वे प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को चुनौती दे सकते हैं. इटली की पुलिस ने इज़ाक के इथियोपियाई और एरिट्रियाई जानकारों की तलाश में कम से कम 15 जगह छापे मारे हैं. लंदन में पूछताछ उधर लंदन में शुक्रवार को पकड़े गए तीन संदिग्ध लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है. इस मामले में पकड़े गए एक पाँचवें व्यक्ति से भी लंदन में पूछताछ की जा रही है.
शनिवार को फ़ोरेंसिक विशेषज्ञों ने उन दो जगहों पर जाकर सुबूत एकत्र किए जहाँ शुक्रवार को तीनों संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. पुलिस का कहना है कि अभी जाँच का काम बहुत बाक़ी है और कुछ अन्य लोगों की गिरफ़्तारी भी हो सकती है. लंदन के पश्चिमी इलाक़े में शुक्रवार को पकड़े गए तीन लोगों में से दो के नाम मुख़्तार सईद इब्राहिम और रमज़ी मोहम्मद बताए गए हैं. पुलिस को संदेह है कि दोनों 21 जुलाई के नाकाम हमलों में शामिल थे. तीसरे व्यक्ति को 23 जुलाई को लंदन में ही एक बम की बरामदगी से जोड़कर देखा जा रहा है. इससे पहले बुधवार को बर्मिंघम में भी एक संदिग्ध हमलावर को पकड़ा गया था जिससे पूछताछ हो रही है. उसका नाम यासिन हसन उमर बताया गया है. संदिग्ध हमलावरों से पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि लंदन में 21 जुलाई के हमले की योजना किसकी थी. पुलिस यह पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि क्या इस समय हमले की योजना में शामिल और लोग फ़रार हैं. |
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